विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गोष्ठी में सम्मानित कोरोना वारियर्स और स्वास्थ्य विभाग के चिकित
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बंादा। मानसिक रोगियों की उपेक्षा से उनकी बीमारी और बढ़ती है। उनके साथ हमदर्दी और दया का भाव रखना चाहिए। झाड़-फूंक और जादू-टोना जैसे अंध विश्वासों से इलाज संभव नहीं है। यह बात विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शनिवार को जिला अस्पताल में आयोजित गोष्ठी में कही गई।
नोडल अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने कहा कि मानसिक रोगों को देवी देवताओं का प्रकोप या जादू टोना समझना भ्रम की स्थिति पैदा करता है। मानसिक रोगी पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ता है। एसीएमओ डॉ. आरएन प्रसाद ने कहा कि परिवार का कोई व्यक्ति मानसिक रोग से ग्रसित हो जाता है तो किसी मनोचिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
रोगी के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। इलाज से इस रोग पर नियंत्रण पाया जा सकता है। मनोचिकित्सक डॉ. हर दयाल ने कहा कि मानसिक रोग भी अन्य बीमारियों जैसा है। इसे छिपाना नहीं चाहिए। क्लीनिकल साइकोलाइजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने कहा कि तनाव की स्थिति पर खुद पर भरोसा रखें। शरीर का भी ख्याल रखें। पौष्टिक आहार लें और व्यायाम करें। धूम्रपान या नशा हरगिज न करें।
गोष्ठी में कोरोना वारियर्स को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयभान सिंह ने आभार जताया। मानिटरिंग ऑफीसर नरेंद्र मिश्रा, साइकाकिस्ट नर्स त्रिभुवन नाथ, अनुपम त्रिपाठी, वर्षा गुप्ता, वंदना, विपिन, अशोक, चंदरेश गुप्ता और भाजपा नेता धमेंद्र त्रिपाठी भी मौजूद रहे।