नहर कटान दुरुस्त कराते अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार पांडेय।
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अतर्रा। लगभग डेढ़ सौ बीघा धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग के अभियंताओं की नींद टूटी। सोमवार को चौथे दिन कुशहाली पुरवा के पास टूटी नहर को दुरुस्त कराया। सिंचाई विभाग के सींचपाल ने छह किसानों के विरुद्ध नहर पटरी काटने की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी है।
अतर्रा ब्रांच से निकली लोधौरा एवं पल्हरी माइनर में कुशहाली पुरवा बंबा के पास 31 जुलाई को केन नहर की कई फिट पटरी टूट गई थी। आसपास के लगभग डेढ़ सौ बीघे खेतों में पानी भर गया। इनमें लगी धान की बेड़ पूरी तरह डूब गई। सिंचाई विभाग ने कोई सुध नहीं ली। सोमवार को अमर उजाला में फोटो सहित प्रमुखता से छपी खबर के बाद अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार पांडेय मौके पर पहुंचे।
सहायक अभियंता ईश्वर दयाल शुक्ला, अवर अभियंता मनीष कुमार तथा बेलदार श्रीकृष्ण भी साथ थे। अभियंताओं ने मजदूरों और जेसीबी की मदद से कटान में बालूभरी बोरियां रखाईं और दुरुस्त कराया। सोमवार को शाम करीब 5 बजे कटान ठीक हो पाई।
सींचपाल ने अतर्रा थाने में छह किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि क्षेत्रीय किसानों ने किसानों पर दर्ज कराई रिपोर्ट का कड़ा विरोध जताया है। कहा है कि विभाग अपना ठीकरा किसानों पर फोड़ रहा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।