बांदा। विकास खंड बिसंडा की ग्राम पंचायत कोर्रा खुर्द में मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्राम प्रधान प्रियंका पटेल ने खंड विकास अधिकारी बिसंडा को एक शिकायती पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप ग्राम प्रधान प्रियंका पटेल ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत कोर्रा खुर्द में तैनात ग्राम रोजगार सेवक पवन कुमार पटेल, जो उनके पति के सगे बड़े भाई हैं, का एक ही पंचायत में पदस्थ होना शासनादेश के विरुद्ध है। इसके बावजूद, संबंधित कर्मी वर्षों से पंचायत के कार्यों में मनमानी कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि मनरेगा से संबंधित कार्य योजनाओं, मास्टर रोल और फाइलों पर ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर कराए बिना ही फर्जी मुहर व जाली हस्ताक्षर के माध्यम से भुगतान कराया गया। आरोप है कि अपने परिवार के सदस्यों और चहेते लोगों के नाम पर फर्जी मास्टर रोल बनाकर मजदूरी दर्शाई गई, जबकि धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकांश कार्य जेसीबी मशीन से कराए गए और केवल फोटो खींचकर जॉब कार्ड धारकों के नाम से मजदूरी दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना और जॉब कार्ड बनवाने के नाम पर लाभार्थियों से 15,000 से 20,000 रुपये तक की अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप है। ग्राम प्रधान ने यह भी आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 में पूर्व सचिव अनिल सिंह के साथ मिलकर कई फर्जी कार्य दर्शाकर लाखों रुपये का गबन किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि संबंधित ग्राम रोजगार सेवक दबंग व आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध बिसंडा थाने में कई मामले दर्ज हैं। ग्राम प्रधान ने खंड विकास अधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, दोषियों के विरुद्ध कानूनी व विभागीय कार्यवाही तथा गबन की गई सरकारी धनराशि की रिकवरी की मांग की है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अंजली यादव का कहना है कि यह पारिवारिक विवाद का मामला है और दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।