बांदा। बड़ी संख्या में लौट रहे प्रवासी मजदूरों के जांच को भेजे जा रहे नमूनों की रिपोर्ट अब लेटलतीफ हो रही है। इसके पीछे रोजाना नमूनों की बढ़ती संख्या बताई जा रही है। उधर, कई-कई दिन बाद भी रिपोर्ट न आने पर राजकीय मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि इससे वहां भर्ती मरीजों के उपचार और डिस्चार्ज में बाधा आ रही है।
उधर, बुधवार को शाम तक कोई रिपोर्ट नहीं आई। जबकि लगभग 77 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। बुधवार को 59 और नमूने भेजे गए हैं। उधर, सीएचसी नरैनी से भेजे गए 50 नमूनों की रिपोर्ट भी आना बाकी है।
ट्रेनों, वाहनों और अन्य संसाधनों से रोजाना बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक लौट रहे हैं। उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के साथ जांच नमूने लिए जा रहे हैं। इन्हें झांसी लैब भेजा जा रहा है। लेकिन इधर कुछ दिनों से रिपोर्ट लेटलतीफ आ रही है। बुधवार को मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा.मुकेश यादव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा को भेजे पत्र में कहा है कि मेडिकल कालेज कोविड-19 लेवल-2 चिकित्सालय के रूप में कार्यरत है।
यहां इसके मरीज भर्ती हो रहे हैं। समय से उनकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध न होने से उनके उपचार और डिस्चार्ज में बाधा हो रही है। प्रधानाचार्य ने इस पत्र की प्रति जिलाधिकारी को भी भेजी है।
उधर, एल-1 अस्पताल नरैनी सीएचसी के चिकित्साधिकारी डा.बीएस राजपूत ने बताया कि उनके यहां से भेजे गए लगभग 50 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। 11 मई को 26 और 12 मई को 24 नमूने जांच के लिए झांसी भेजे गए थे। बुधवार को भी लगभग 20 नमूने जांच को भेजे गए हैं।