बांदा। ओवर टेक करने की होड़ में दो आटो टकराकर पलट गए। हादसे में आटो में सवार यात्री की मौत हो गई। पत्नी और बेटों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय में अपील की। न्यायालय ने दोनों आटो का बीमा करने वाली कंपनियों को मृतक के परिजनों को 8.50 लाख क्लेम देने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करने की तारीख से 7.50 फीसदी सालाना साधारण ब्याज भी अदा करने का आदेश है।
शासकीय अधिवक्ता अतुल कुमार शुक्ला ने बताया कि तीन दिसंबर 2015 को हीरालाल आटो में बैठकर बांदा से महोबा जा रहे थे। काली पहाड़ी के पास दूसरा आटो आ गया। दोनों आटो के चालकों ने एक-दूसरे को ओवरटेक करने के लिए रफ्तार तेज कर लापरवाही से ड्राइविंग की। इससे आटो आपस में टकराए और एक आटो पलट गया। हादसे में हीरालाल की मौत हो गई।
उनकी पत्नी कलावती और बेटों ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने दोनों आटो के चालकों को दोषी माना। आटो का बीमा करने वाली कंपनियों चोला मंडलम इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से 8.50 लाख रुपये एक माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया है।