बांदा। छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई पीएम सम्मान निधि का लाभ अपात्र ले रहे हैं। यही वजह है कि 24,447 किसानों ने केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई। ऐसे किसानों को अगली 22वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग का कहना है कि अपात्र किसान केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री इसलिए नहीं करा रहे हैं क्योंकि उनकी आय और संपत्ति का खुलासा हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ने देश के छोटे व सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक दिसंबर 2018 को किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत पात्र किसान परिवार को हर साल छह हजार रुपये दिए जाते हैं। केंद्र और राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी (समूह या चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर), अवैधानिक पदों पर बैठे लोग, पूर्व या वर्तमान मंत्री, विधायक, चेयरमैन, जिला पंचायत अध्यक्ष इसके लिए पात्र नहीं है। शुरुआती दौर में कई अपात्र इसका लाभ ले रहे थे। सत्यापन में अब तक जनपद में 20 हजार से अधिक अपात्र पकड़े चुके हैं। सभी का नाम सूची से अलग करने के साथ ही वसूली की कार्रवाई की गई। 17,223 किसानों से अब तक 3.17 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है और अन्य से की जा रही है।
योजना का लाभ अपात्र न ले सकें इसके लिए सरकार ने अब लाभार्थी की आधार सीडिंग, केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है। उप निदेशक कृषि विभाग के अनुसार जिले में पीएम सम्मान निधि का लाभ लेने वालों की संख्या 2,51,322 है। इसमें 24,447 ने केवाईसी, 32,104 ने आधार सीडिंग और 26,732 ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई। ऐसे लोगों को अब अगली किस्त नहीं मिलेगी। विभाग का कहना है कि केवाईसी व फार्मर रजिस्ट्री से लाभार्थी की जमीनों और आय आदि का खुलासा हो जाएगा। आयकर देने वाले किसान जैसे डाॅक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट पात्र नहीं हैं। परिवार का कोई सदस्य पहले से किसी योजना का लाभ ले रहा है। परिवार की वार्षिक आय एक निर्धारित सीमा से अधिक है जो आयकर स्लैब में आती है। एक ही परिवार में पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं।
जिले में केवाईसी न कराने वाले पीएम सम्मान निधि के लाभार्थी
तहसील किसान केवाईसी आधार सीडिंग
अतर्रा 51,785 4593 5467
बबेरू 76,250 7240 9615
बांदा 46,729 5108 6699
नरैनी 46,791 4550 6588
पैलानी 29,767 2956 3735
योग 2,51,322 24,447 32,104
वर्जन-
तहसील व ब्लाॅक स्तर पर कैंप लगाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वह केवाईसी व आधार सीडिंग और फार्मर रजिस्ट्री कराएं। न करने पर उन्हें अगली किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
-अभय यादव, उप निदेशक कृषि, बांदा