देवराज गुप्त, दीपा सिंह गौर, भरतलाल दिवाकर।
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बांदा। बसपा के बाद अब सपा ने भी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। अभी तक जो उम्मीदवार सामने आए हैं, उसमें चित्रकूटधाम मंडल में किसी अल्पसंख्यक को शामिल नहीं किया है। अलबत्ता मंडल में दो महिलाओं को प्रत्याशी घोषित किया है। कई दिग्गजों को दरकिनार कर दिया गया। घोषित सभी प्रत्याशी शिक्षित हैं।
समाजवादी पार्टी ने बांदा सदर से देवराज गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया गया है। 54 वर्षीय परास्नातक और एलएलबी डिग्रीधारी गुप्त ने 1993 में सपा से राजनीति शुरू की। पिछला विधानसत्रा चुनाव राष्ट्रवादी कांग्रेस से लड़े थे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता और सपा व्यापार सभा में प्रदेश सचिव रहे। मौजूदा में कार्यकारिणी सदस्य हैं। टिकट कैसे मिला? इस सवाल पर बोले- मुलायम सिंह, शिवपाल सिंह और अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट दिया है।
तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी 35 वर्षीय दीपा सिंह गौर सपा के जिला उपाध्यक्ष अशोक सिंह गौर की पत्नी हैं। हाल ही मेें हुए जिला पंचायत चुनाव में सपा ने उन्हें अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया, लेकिन इन्होंने आर्थिक स्थिति का हवाला देकर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
अभी जिला पंचायत सदस्य हैं। स्नातक डिग्रीधारी दीपा के पति अशोक सिंह गौर ने टिकट के सवाल पर कहा कि समर्पण, सक्रियता और अच्छी छवि के चलते अखिलेश यादव ने टिकट दिया है।
नरैनी क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी भरतलाल दिवाकर परास्नातक हैं। पेशा ठेकेदारी है। हालांकि कई बार उन पर बालू के कारोबार से जुड़े होने की भी बात उजागर हुई। सपा ने इन्हें पिछले चुनाव में भी प्रत्याशी बनाया था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
40 वर्षीय दिवाकर अतर्रा डिग्री कालेज में छात्रसंघ उपाध्यक्ष भी रहे। टिकट के सवाल पर पार्टी के प्रति समर्पण का हवाला देते हैं। कहते हैं पिछले चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने की बदौलत सपा हाईकमान ने टिकट दिया।