ससुराल में सिर्फ एक वर्ष बाद ही पीटकर मौत के घाट
उतार दी गई युवती के मामले में अदालत ने पति और प्रधानाध्यापक ससुर सहित
सास और देवर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन्हें 10-10 हजार रुपये का
जुर्माना भी किया गया है।
चित्रकूट जनपद के भंभई गांव निवासी ललित
किशोर ने 5 दिसंबर 2011 को बदौसा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था कि उसने
अपनी पुत्री साधना की शादी 27 मई 2010 को गर्गपुर (बदौसा) में बृजेेंद्र
कुमार पुत्र टुंगनाथ सविता के साथ की थी।
विवाह के बाद ससुराल में
साधना को 50 हजार रुपये और मोटर साइकिल की मांग करके प्रताड़ित किया जाने
लगा। यह बात वह मायके में बताती रही। मायके वाले उसे समझाते-बुझाते रहे। 4
दिसंबर 2011 को दोपहर ससुराल वालों ने उसे बुरी तरह मारा-पीटा।
उसके
जिस्मे में 6 चोटे आईं। फिर फांसी में लटकाकर मारा डाला। तहरीर के मुताबिक
पुलिस ने पति बृजेंद्र, ससुर टुंगनाथ, सास रन्नो देवी, देवर पवन कुमार और
ननद रच्चू के विरुद्ध धारा 498 ए, 304 बी और 3/4 दहेज अधिनियम का मुकदमा
दर्ज किया।
तत्कालीन क्षेत्राधिकारी ने विवेचना में ननद को छोड़कर
अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ उपरोक्त धाराओं का आरोप पत्र अदालत में दाखिल
कर दिया। अभियोन की ओर से एडीजीसी मूलचंद्र कुशवाहा ने 9 गवाह पेश किए।
डॉक्टरों के पैनल परीक्षण में मृतका के शरीर में 6 चोटों के निशान बताए गए।
सोमवार को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बृजलाल चौरसिया ने इस मामले का फैसला
सुनाया।
आरोपियों को धारा 302/34 आईपीसी में सश्रम कैद और 10-10
हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह जेल में
और रहना होगा। पति और उसके माता-पिता व भाई को जेल भेज दिया गया। गौरतलब है
कि आरोपी ससुर टुंगनाथ सविता बदौसा क्षेत्र के प्राइमरी पाठशाला में
प्रधानाध्यापक है।