दस्यु प्रभावित गांवों का बाशिंदा होना दुश्वारियों
का सबब बन गया है। इन गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा। यहां
तक कि गरीब ग्रामीण ठंड में ठिठुर रहे हैं और उन्हें प्रशासन की ओर से
कंबल भी नहीं मिल पा रहा। डकैतों के खौफ से इन गांवोें में अधिकारी और
कर्मचारी नहीं जा रहे।
बदौसा और खासकर फतेहगंज थाना क्षेत्र के
दर्जनों गांव दुर्गम स्थानों पर आबाद होने से दस्यु दलों का अड्डा बने हैं।
यहां सरकारी योजनाएं तभी लागू हो पाती हैं जब दस्यु सरगनाओं की रजामंदी
मिल जाए यानी उन्हें कमीशन मिल जाए। वरना निर्माण कार्य ध्वस्त करने के साथ
ही ठेकेदार और मजदूरों की शामत आ जाती है।
हाल ही में फतेहगंज थाना
क्षेत्र के तमरार गांव में लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे चेकडैमों
पर बलखड़िया गिरोह का कहर टूटा था। निर्माण स्थल पर रखी 300 बोरी सीमेेंट
कड़ैली नदी में फेंककर मजदूरों को खदेड़ दिया था।
इसके पहले भी
गोबरी गुड़रामपुर आदि में फतेहगंज थाना के नाकतले बनाई जा रही सड़क पर
दिनदहाड़े दस्यु दल ने धावा बोलकर मजदूरों को पीटने के बाद काम रुकवा दिया
था। इन्हीं घटनाओं के चलते अधिकारी और कर्मचारी इन गांवों में नहीं फटकते।
इन
दिनोें कड़ाके की ठंड में झुग्गी झोपड़ी मेें जिंदगी बसर कर रहे गरीबों को
प्रशासन द्वारा बांटे जा रहे कंबल मिलने में दस्यु दल का खौफ आड़े आ गया
है।
फतेहगंज की हरिजन बस्ती निवासी कैलशिया, किशोरीबाई, बुटुआ,
तुलसा, भोली, नजमा, रजुलिया और पहाड़ जरकड़ा निवासी रामशरन, सद्दू यादव,
छोटा, भोला और रामचरन का पुरवा निवासी शिव कुमारी, सियारानी, कुंता,
इंद्रपाल, बाबू आदि को कंबलों की सौगात नहीं मिल पाई। ये ठंड में ठिठुर रहे
हैं। इन गांवों में कोई अधिकारी या कर्मचारी कंबल बांटने नहीं गया।
दस्यु
प्रभावित गांवाें में भी कंबल वितरण का दावा एसडीएम मनोज कुमार ने किया
है। उनका कहना है कि राजस्व विभाग की टीम ने इन गांवों में 73 कंबल बांटे
हैं। उधर, लेखपाल का कहना है कि इन गांवों में जाने का सवाल ही पैदा नहीं
होता।
लेखपाल शिवचरन यादव का कहना था कि ग्राम कुरुहू, राजाडाड़ी,
जरैला, जरकड़ा, माधौताला, बरछा डड़िया, रकसा में कंबल बांटे गए हैं। दस्यु
प्रभावित गांव पहाड़ व गोबरी, बघोलन आदि तथा आसपास के पुरवों में कंबल न
पहुंचने पर लेखपाल का साफ कहना था कि इन गांवोें में जाने का सवाल ही पैदा
नहीं होता। अधिकारी भी इन गांवाें के हालात से वाकिफ हैं।
गरीबों को
कंबल वितरण के लिए दस्यु प्रभावित गांवों में पुलिस मदद का तैयार है।
बशर्ते सक्षम अधिकारी लिखित निर्देश दें या अनुरोध करें।
पुलिस
उपाधीक्षक राजेश कुमार सिंह का कहना है कि एसडीएम या तहसीलदार जैसे सक्षम
अधिकारी कंबल वितरण के लिए पुलिस बल की लिखित मांग करेंगे तो जरूर उपलब्ध
कराया जाएगा, लेकिन लेखपाल के कहने से पुलिस फोर्स नहीं दी जा सकती।