रामपुर गांव के परिषदीय स्कूलों में अन्ना गायों को बंधक बना दिए जाने से बच्चों की पढ़ाई चौपट है। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीणों ने विद्यालयों में करीब 400 अन्ना गाय व बछड़े कैद कर दिए हैं। प्रशासन व पशु पालन विभाग इसकी सुधि नहीं ले रहा है।
ग्राम प्रधान पति भजन सिंह ने बताया कि गांव व आसपास की करीब एक हजार बीघा में गेहूं की फसल अन्ना जानवर चट कर चुके हैं। ग्रामीण उच्चाधिकारियों से अन्ना जानवरों के संरक्षण के लिए अनुरोध कर चुके हैं लेकिन कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
किसानों ने विद्यालय गेट के पास पानी की टंकी व भूसा रख दिया है। इन अन्ना गायों की देखरेख करने वाला भी कोई नहीं है। क्षेत्र के नरायड़, बुधेड़ा, मवईघाट, खप्टिहाकलां, गाजीपुर, रामपुर आदि के किसान इन अन्ना गायों से परेशान है। किसान शिवनायक सिंह, शशि पियूष पांडेय, अतुल तिवारी, नारायन सिंह, मोहन पांडेय, राजेश सिंह, कपूर सिंह, कुलदीप सिंह, अर्जुन सिंह आदि ने बताया कि गांव में गोचर की मनमानी जमीन पड़ी है। लेकिन मनरेगा से इनमें बाउंड्रीवाल बनवाने की कवायद कागजी चल रही है। स्कूलों में गायों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। प्रशासन जब इनके हटवाने की व्यवस्था करेगा तभी स्कूलों में पठन-पाठन का काम शुरू होगा।
अन्ना गायों को कैद करने में उनके हमले से तीन किसान लहूलुहान हो गए। उनका स्थानीय सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायलों में दीन मोहम्मद (40), छोटा (58), राममिलन यादव (40) शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल हुए किसान छोटा को सीएचसी जसपुरा से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।