बांदा। श्रीराम मंदिर निर्माण के बीच राम की तपोस्थली चित्रकूट में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की पांच दिवसीय बैठक हो रही है। संघ नेतृत्व ने इसके पत्ते नहीं खोले हैं। सब कुछ गोपनीय रखा गया है। फिर भी जो कयास लगाए जा रहे हैं, उनमें संघ नेतृत्व मोदी-योगी सरकार की छवि को लेकर विशेष मंथन करेगा। अगले वर्ष यूपी विधान सभा के होने वाले चुनाव भी बैठक के अहम एजेंडे में रहेंगे।
संघ की ऐसी उच्च स्तरीय बैठक हर वर्ष जुलाई माह में होती है। इसमें क्षेत्रीय प्रचारक सहित प्रांत प्रचारक इत्यादि शामिल होते रहे हैं, लेकिन अबकी कोरोना के चलते इस बैठक में कुछ बदलाव किया गया है। क्षेत्र प्रचारकों से उच्च स्तर के संघ पदाधिकारी ही बैठक में प्रतिभाग करेंगे। दो दिन 10 व 11 जुलाई को लगभग 300 प्रांतीय प्रचारकों के साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत वर्चुअल/ऑनलाइन बैठक करेंगे। बैठक के एजेंडे या मुद्दों पर संघ का कोई भी जिम्मेदार कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन जो कयास लगाए जा रहे हैं उनमें संघ के पिछले कार्यों की समीक्षा और अगले वर्ष के कार्यों की रूपरेखा तय हो सकती है।
केंद्र की नरेंद्र मोदी और यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकारों की कोरोना महामारी में हुई किरकिरी पर विपक्षी दलों द्वारा बनाई गई छवि पर भी मंथन और भरपाई की रणनीति करने के आसार है। इसके लिए संघ ग्राउंड लेबल पर कार्य करने की योजना अमल में ला सकता है। संघ नेतृत्व बैठक में यूपी-एमपी सरकारों के कामों की समीक्षा और उनकी शैली पर भी चर्चा करेगा। दोनों सरकारों को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। खासकर यूपी में चुनाव के मद्देनजर यहां की सरकार के जिम्मेदारों के लिए कुछ नई गाइडलाइन तैयार करने की भी चर्चा है। यह भी बताया जा रहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे गलत प्रचार की भरपाई के लिए संघ कार्यकर्ता घर-घर, गांव-गांव जाकर लोगों को समझाएंगे।
आपदा को अवसर में बदलेगा संघ
बांदा। कोरोना महामारी पर बखूबी काबू पा लेने और अपने ही देश में वैक्सीन तैयार किए जाने को भी मुद्दा बनाकर संघ कार्यकर्ता लोगों का रुझान भाजपा सरकारों के पक्ष में मोड़ने की कवायदें करेंगे। बताएंगे कि किस तरह योगी सरकार ने महामारी से ज्यादातर लोगों को बचा लिया। लगभग 96 वर्ष पुराना संगठन आरएसएस के बारे में शुरू से ही यह कहा जाता रहा है कि भाजपा का मार्गदर्शक और पथ प्रदर्शक है। उसी की मंशा और मर्जी के मुताबिक काम होते हैं। हालांकि, संघ मुखिया ऐसा नहीं स्वीकार करते। उनका कहना है कि संघ का अपना अलग काम है। संघ भारतीय राष्ट्रवाद के लिए काम करता है। (संवाद)
वर्ष 96 वर्ष से सक्रिय है संघ
बांदा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना 27 सितंबर 1925 (विजयादशमी) को हुई थी। संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार थे। इसका उद्देश्य नि:स्वार्थ राष्ट्रभक्ति और भारतीय राष्ट्रवाद है। संघ का मुख्यालय नागपुर (महाराष्ट्र) में है। मौजूदा में इसके प्रमुख डॉ. मोहन भागवत हैं। (संवाद)
संघ प्रमुख धर्मनगरी पहुंचे, ध्वज प्रणाम किया
चित्रकूट। मंगलवार की सुबह दिल्ली से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी कोच से चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जैसे ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत उतरे तो वहां मौजूद महाकौशल प्रांत व कानपुर-बुंदेलखंड प्रांत के पदाधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने भी रेलवे स्टेशन और आरोग्यधाम में सतना कलक्टर अजय कटेसारिया ने स्वागत किया। आरोग्यधाम परिसर के विशेष कॉटेज में संघ प्रमुख को ठहराया गया है। इसी परिसर में उन्होंने सबसे पहले आरएसएस की शाखा में ध्वज प्रणाम किया। मंदाकिनी नदी में स्नान पर पूजन किया और इसके बाद परिसर में ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पंडित उपाध्याय के बताए रास्ते पर ही चलने से संघ और देश का कल्याण होगा। (संवाद)
संघीय ढांचे को मजबूत करने के मांगे सुझाव
चित्रकूट। आरएसएस की राष्ट्रीय चिंतन बैठक के दो दिन पूर्व ही मंगलवार की सुबह धर्मनगरी पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत आरोग्यधाम परिसर पहुंचे। दिनभर कई चरणों में अलग-अलग प्रांत प्रचारकों व राजनीतिक विशेषज्ञों के साथ बैठकें हुईं। वसुंधरा कॉटेज में संघ के 20 पदाधिकारियों संग दो घंटे तक बैठक की। हर बैठक में मुद्दा यही रहा कि यूपी-एमपी सरकार का कामकाज कैसा चल रहा है। संघ के पदाधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं के बीच सामंजस्य की क्या स्थिति है। सरकारी योजनाओं का जनता तक पहुंचने की स्थिति क्या है। बेहद कड़ी सुरक्षा व गुप्त एजेंडे के साथ दोपहर बाद तीन चरणों में उन्होंने संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यूपी-एमपी सरकार और संगठन के बारे में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की। जानकारों के मुताबिक, बैठक में संघ के संघीय ढांचे को और मजबूत बनाने और जन-जन तक संदेश पहुंचाने के लिए काम करने पर जोर दिया गया। सारा ध्यान यूपी के आगामी विस चुनाव की तैयारियों को लेकर लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए अलग अलग समय पर कई अभियान चलाने और इसकी जिम्मेदारी बांटकर समीक्षा करने की योजना बनाई गई। (संवाद)
पुलिस छावनी में बदला आरोग्यधाम परिसर
चित्रकूट। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आठ दिवसीय चित्रकूट प्रवास कार्यक्रम को लेकर यूपी और एमपी के अधिकारी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। संघ प्रमुख के रास्तों पर बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड टीम ने जांच की। स्टेशन से लेकर आरोग्यधाम मार्ग के बीच में दो बार अन्ना मवेशियों के चलते संघ प्रमुख का काफिला रुका। दिनभर संघ प्रमुख सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहे आरोग्यधाम परिसर पुलिस छावनी में बदल गया है। मंगलवार को संघ प्रमुख भागवत जैसे ही रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया। जैसे ही काफिला शहर के बस स्टैंड के पास पहुंचा तो अन्ना मवेशी सड़क पर आ गए जिससे उनका काफिला रुक गया। पुलिसकर्मियों ने मवेशियों को हटाया। इसके बाद प्रमोदवन के पास फिर अन्ना मवेशी के सड़क पर आने से काफिले को रोकना पड़ा। मंदाकिनी नदी के आरोग्यधाम घाट पर नहाने आने वालों को भी सुरक्षा की दृष्टि से रोक दिया गया। सतना एसपी धर्मवीर सिंह ने सुरक्षा की व्यवस्था का कई बार निरीक्षण किया। (संवाद)