फोटो - 12 माटा गांव के पंप हाउस में जानकारी लेते मद्रास आईआईटी टीम के सदस्य। संवाद
बांदा। सूखा प्रभावित बुंदेलखंड में पेयजल प्रयासों का आईआईटी मद्रास की टीम ने मंगलवार को निरीक्षण किया। टीम ने गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से जलापूर्ति की हकीकत जानी। उन्होंने समस्याओं को रजिस्टर में नोट किया और जिम्मेदारों को सुझाव दिए।
आईआईटी मद्रास के समाज कार्य विभाग की टीम ने बांदा जिले के अदरी, लसड़ा, डांडामऊ सहित 15 गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। डॉ. गजल श्रीवास्तव और डॉ. त्रिलोक बलोदी ने टीम का नेतृत्व किया। कई गांवों में जलापूर्ति में समस्या मिली, जबकि कुछ जगह परिणाम सुखद बताए गए। टीम ने पाया कि जल जीवन मिशन योजना से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है। ग्रामीण स्कूलों में स्वच्छ पेयजल से बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया है। नियमित जल आपूर्ति से स्कूलों की साफ-सफाई भी बेहतर हुई है।
कुछ गांवों में चुनौतियां
कुछ गांवों में जलापूर्ति ठप मिली और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पाई गई। ग्रामीण एक-एक बाल्टी पानी के लिए मोहताज दिखे। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें तोड़कर छोड़ दी गई थीं। टीम के सदस्यों ने साथ चल रहे विभागीय कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता से इस पर बात की। उन्होंने योजना का लाभ सभी को सुनिश्चित करने के लिए सुझाव भी दिए।