नोटबंदी से परेशान खाताधारकों का बैंकों में बवाल और हंगामा जारी है। बदौसा और बबेरू में आक्रोशित खाताधारकों ने बैंकों के सामने मुख्य सड़कों पर जाम लगा दिया। जाम खत्म कराकर आवागमन बहाल करने में स्थानीय पुलिस और प्रशासन को पसीने आ गए।
बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक पतवन गांव स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश न मिलने से गुस्साए खाताधारकों को बबेरू-फतेहपुर राजमार्ग पर जाम लगा दिया और बैंक का शटर बंद कर दिया। दो घंटे तक जाम और अफरातफरी रही। ग्रामीणों का कहना था कि कई-कई दिन से लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं मिल रहा। लगभग दो घंटे बाद बमुश्किल पुलिस और अधिकारियों ने जाम खत्म कराया।
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बदौसा प्रतिनिधि के मुताबिक इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में कैश न मिलने से भड़के उठे उपभोक्ताओं ने करीब 50 मिनट तक नेशनल हाईवे जाम रखा। बैंक अधिकारियों ने दो बजे तक कैश देने के आश्वासन पर जाम खत्म हुआ। लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के खाताधारक लाइन में थे। थानाध्यक्ष मनोज पाठक ने बैंक प्रबंधक से बात कर जाम खत्म कराया। उधर, बैंक के सामने स्थित एटीएम भी बंद रही। कार्डधारक फिरोज खां, मुन्ना द्विवेदी और रामानुज गुप्ता आदि ने बताया एक सप्ताह से एटीएम में कैश नहीं है।
खत्री पहाड़ प्रतिनिधि के मुताबिक कई दिनों के बाद खाताधारकों को शेरपुर स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा से दोपहर तक दो-दो हजार रुपये बांटे गए। इसके बाद कैश खत्म होना बताया गया। इस पर ग्रामीण भड़क उठे। बैंक का शटर बंद कर नारे शुरू कर दिए। शेरपुर चौकी इंजार्च गुलाब सोनकर ने समझाकर शांत कराया। खाताधारकों का आरोप था कि बैंक प्रबंधक चहेतों को 10 से 20 हजार तक दे रहे हैं। लेकिन आम ग्रामीणों को मात्र हजार या दो हजार मिल रहा है।