निर्माण कार्यों और खरीदारी आदि में आयकर, व्यापार कर, वैट, श्रम शुल्क और रॉयल्टी आदि के भुगतान में हीलाहवाली करने वाले निकायों को प्रभारी अधिकारी (स्थानीय निकाय) ने तीन दिन की मोहलत देते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
कहा है कि टैक्स अदा न किए गए तो अस्थायी गबन मानकर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी अधिकारी ने जिले के सभी नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि वित्तीय वर्ष खत्म होने में सिर्फ एक हफ्ता बाकी है।
इस वर्ष में अब तक जो भी निर्माण या मरम्मत कराए गए हैं, या सामग्री, वाहन, उपकरण आदि खरीदे गए हैं या फिर ठेकेदार/फर्म को भुगतान किया गया है तो उसका आयकर, व्यापार कर, वैट, लेबर सेस, रॉयल्टी, सर्विस टैक्स आदि कितना दिया गया है? अगर नहीं दिया गया तो प्रत्येक दशा में यह टैक्स तीन दिन के अंदर जमा करके लिखित रिपोर्ट 27 मार्च तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
प्रभारी अधिकारी ने कहा है कि यह टैक्स जमा कराने का दायित्व स्थानीय निकायों का है। यह भी स्पष्ट किया है कि टैक्स में छूट प्रदान करने का अधिकार ईओ या अध्यक्ष को नहीं है।
प्रभारी अधिकारी ने टैक्स भुगतान में देरी को अस्थायी गबन की श्रेणी में माना है। कहा है कि इस पर अब भी विलंब होता है तो समझा जाएगा कि जानबूझकर गंभीर लापरवाही करके राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है। नतीजे में ईओ पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।