बांदा। डीजल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि से अब ट्रांसपोर्टर भी भाड़ा बढ़ाने की तैयारी में हैं। फिलहाल वह 16 अप्रैल तक डीजल के दामों पर नजर रखेंगे। दामों में राहत नहीं मिली तो पहली मई से मालभाड़े में 10 फीसदी तक की वृद्धि कर सकते हैं। ऐसे में रोजमर्रा की आम चीजों के दाम भी बढ़ना तय है।
डीजल के दामों में हाल ही में 12 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। कानपुर, दिल्ली, लखनऊ, सतना आदि शहरों से जनपद में किराना, कपड़ा, मसाला, प्लास्टिक, बर्तन, दलहन, फर्नीचर आदि आते हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल के दाम बढ़ जाने के बाद भी अभी उन्होंने मालभाड़ा नहीं बढ़ाया है।
ऐसे में उन्हें रोजाना 5 से 10 हजार रुपये तक का घाटा एक फेरे में लग रहा है। ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर मनोज सिंह का कहना है कि आए दिन डीजल के बढ़ रहे दामों से मालभाड़ा किराया बढ़ाने पर असमंजस की स्थिति है। ट्रांसपोर्टर 16 फरवरी को डीजल के दामों की समीक्षा करेंगे।
यही स्थिति रही तो पहली मई से मालभाड़ा बढ़ाया जा सकता है। ट्रांसपोर्टर राजकुमार गर्ग का कहना है कि फिलहाल मालभाड़ा नहीं बढ़ा रहे हैं, लेकिन डीजल के दामों के साथ टोल टैक्स भी बढ़ा है। आगे भी बढ़ोतरी होती रही तो मालभाड़ा बढ़ाना मजबूरी हो जाएगी। अगले महीने से मालभाड़े के किराए में बढ़ोतरी की जाएगी।
कहां से क्या आता है माल
कानपुर : किराना, प्लास्टिक, दलहन, शक्कर।
दिल्ली : कपड़ा, प्लास्टिक, साडिय़ा, रेडीमेड।
सतना : सुपाड़ी, मेवा, चावल, रस्सी अन्य।