फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरानी पेंशन नहीं तो, अगले साल वोट नहीं

Fri, 10 Aug 2018 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते ज्ञापन देने आए शिक्षक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

सदन की मेजें थपथपा कर जब सांसद और विधायक अपने भत्ते और सुविधाएं बढ़वा सकते हैं तो जीवन के 30-35 साल सरकारी सेवा में खपाने वाले कर्मचारियों की पुरानी पेंशन क्यों नहीं बहाल की जाती। यदि पुरानी पेंशन नहीं बहाल होती तो अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में शिक्षक और कर्मचारी सरकार के विरोध में वोट देंगे। 

विज्ञापन


यह बात कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के नेताओं ने कही। गुरुवार को मंडल मुख्यालय में भारी तादाद में जुटे शिक्षकों और कर्मियों ने धरना और प्रदर्शन के बाद प्रशासन के जरिये मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें पुरानी पेंशन बहाल किए जाने की मांग की। जीआईसी ग्राउंड में धरने को संबोधित करते हुए मंच अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी और संयोजक राजकुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एक राष्ट्र, एक पेंशन की मांग पूरी नहीं हुई तो कर्मचारी एकजुट होकर अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार के विरोध में मतदान करेंगे।

कहा कि 30-35 वर्ष विभाग की सेवा करने के बाद पेंशन नहीं दी जा रही, जबकि सांसद और विधायकों को एक बार चुने जाने पर ताउम्र पेंशन दी जाती है। यह नाइंसाफी है। नेताओं ने कहा कि जिस तरह अपना भत्ता और सुविधाएं सदन में मेज थपथपाकर सांसद और विधायक बढ़वा लेते हैं, उसी तरह पुरानी पेंशन बहाल की जाए। कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब विपक्ष में थे तो पुरानी पेंशन बहाली की वकालत करते थे। अब सत्ता में आने पर वादाखिलाफी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


धरना सभा के बाद शिक्षक और कर्मियों का हुजूम जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचा। इनके नारों से आसपास का इलाका गूंज उठा। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रमेशचंद्र तिवारी को सौंपा। मंच अध्यक्ष और संयोजक के संयुक्त हस्ताक्षरों से दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि रिटायरमेंट के बाद जीवन के आखिरी पड़ाव में अनिश्चितता से बचाने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।

प्रदर्शन में रेलवे संगठन के जितेंद्र वर्मा, विनीत दीक्षित व यावेंद्र गुप्ता, लेखपाल संघ से मूलचंद्र पटेल, राजस्व संग्रह अमीन संघ से ओमप्रकाश दीक्षित, जफर अली, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से बाबूराम मिश्र, सीवी चक्रवर्ती, प्राथमिक शिक्षक संघ से प्रजीत सिंह व जयकिशोर दीक्षित, आईटीआई संस्थान से आरबी पाल, ग्राम विकास अधिकारी संघ से प्रमोद द्विवेदी सहित आलोक यादव, आदित्य प्रकाश द्विवेदी, रजनी जैन, पूजा त्रिवेदी, अंजना तिवारी, सुमिता श्रीवास्तव, अंजू गुप्ता आदि शामिल रहे। संचालन शिक्षक संघ नेता नरेंद्र कुमार सोनी ने किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें