क्रांति दिवस पर भाकपा ने बुंदेलखंड की बदहाली, बेरोजगारी समेत विभिन्न 11 मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान महिलाओं ने विकास भवन में हंगामा किया और सीडीओ से नोकझोंक की।
गुरुवार को स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में धरना प्रदर्शन और सभा के बीच भाकपा जिला प्रभारी रामप्रवेश यादव ने कहा कि चित्रकूटधाम मंडल की इकलौती कताई मिल को चलवाने के बजाय सरकार माफियाओं को बेचने की जुगत में है। मजदूरों का बकाया नहीं दिया जा रहा।
बुंदेलखंड में बेरोजगारी और तंगहाली से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं और जान दे रहे हैं। मनरेगा में 150 दिन का काम का वादा झूठा साबित हुआ। पिछली सरकारों की तरह इस सरकार में भी कोई सुधार नहीं हुआ। प्रधानमंत्री आवास और शौचालयों में प्रधान और सचिव लूटखसोट मचाए हैं। श्रमायुक्त कार्यालय में बाबू और दलालों का गठजोड़ मजदूरों के शोषण पर आमादा है। मवई बुजुर्ग गांव समेत जिले के तमाम स्थानों पर माफिया और दबंग ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे कर रहे हैं।
ज्ञापन में मजदूरों को स्थार्यी काम सरकारी निर्माण में मशीनों की जगह मानव श्रम, न्यूनतम मजदूरी 600 रुपये, बांदा कताई मिल और बरगढ़ ग्लास फैक्ट्री पुन: चालू करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, मनरेगा मजदूरों को 300 दिन रोजगार की गारंटी और 600 रुपये न्यूनतम मजदूरी दिए जाने सहित अन्य मांगें शामिल रहीं। प्रदर्शन में मजदूर नेताओं में डा. राजमणि दोहरे, रामनरेश, चुन्नू, किशोरीलाल, बल्लू, मूलचंद्र, दन्ना प्रसाद, सौखू प्रजापति, रामलाल, रन्नो देवी, मुन्नी देवी, चुनकी, बच्चा, लाखन सिंह, छेदीलाल, रामप्रसाद, कमतू, बिल्लू, पिंटू आदि शामिल रहे।