बोर्ड परीक्षा के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों के साथ आवेदन करने वाले विद्यालयों को डिबार घोषित किया जाएगा। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा वर्ष 2016 के लिए ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट 21 से 31 अगस्त तक बंद रहेगी। इस बीच 20 अगस्त तक किए आवेदन आवेदनों की भली-भांति जांच करने के निर्देश प्रधानाचार्यों को दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रमान ने कहा कि यदि किसी विद्यालय ने फर्जी अर्हता प्रमाणपत्रों के आधार पर तथ्य छिपाकर अवैध आवेदन अपलोड किए हों तो उसे खुद हटा दें। जांच में फर्जी पाए जाने पर विद्यालय को डिबार घोषित कर प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस के मुताबिक एक से 10 सितंबर तक वेबसाइट फिर खोली जाएगी। इस दौरान वांछित संशोधन कर डाटा को फाइनल करते हुए वेबसाइट पर परिषद को अंतिम रूप से शामिल कर छात्र-छात्राओं की फोटोयुक्त नामावली तैयार की जाएगी।
इसे डाउनलोड कर दो प्रतियों में प्रकाशित कराएं। इसमें छात्र-छात्राओं से हस्ताक्षर कराते हुए प्रधानाचार्य खुद हस्ताक्षर करें और एक प्रति संस्थागत छात्र-छात्राओं की नामावली में अंकित न्यू श्रेणी के छात्र-छात्राओं एवं सभी व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं के आवेदनपत्र सहित उनके अर्हता संबंधित प्रमाणपत्र की प्रमाणित प्रति संलग्न कर परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध कराएं। डीआईओएस दफ्तर में 15 सितंबर तक इसे हर हाल में जमा करना होगा।
आज आधी रात तक खुली रहेगी वेबसाइट
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के ऑनलाइन फार्म भरने की तारीख 20 अगस्त है। आधी रात के बाद वेबसाइट लॉक हो जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को 15 व 16 अगस्त को सेंटर आईडी दे दी गई है।
ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट 21 से 31 अगस्त तक बंद रहेगी। इस दौरान अपलोड किए गए परीक्षा फार्मों की जांच की जाएगी। इस दौरान छात्र-छात्राओं का नाम, माता का नाम, फोटो, जन्मतिथि, चयनित विषय, कास्ट कोड, मीडियम कोड, ग्रुप कोड आदि की जांच की जाएगी।
प्रधानाचार्य यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर किसी भी हालत में सभी स्कूल और कालेज परीक्षा फार्म भर दें। इसके बाद परीक्षा फार्म नहीं भर पाएंगे। इससे परीक्षा फार्म न भरने वाले स्कूलों के छात्र-छात्राएं परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। इसके लिए प्रधानाचार्य ही जवाबदेह होंगे।