अतर्रा। कुशहाली पुरवा के पास केन कैनाल नहर की पटरी कटने से लगभग डेढ़ सौ बीघे में बोई धान फसल जलमग्न हो गई। फसल चौपट होने से किसानों में रोष है। आरोप लगाया कि नहर कटने की जानकारी केन कैनाल अभियंताओं को दी गई, फिर भी कोई मौके पर नहीं आया।
लोधौरा और पल्हरी माइनर के बीच कुशहाली पुरवा के पास कटान होने से नहर का पानी तेजी से खेतों में भरने लगा। कुछ घरों में भी जलभराव हो गया। ग्रामीणों ने नहर कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह सफल नहीं हो सके।
किसान सुरेंद्र पांडेय, घनश्याम उपाध्याय, निर्मल धतुरहा, सुधीर चौरिहा, रामलाल, झब्बू वर्मा, लखन वर्मा, शिवप्रसाद, मुंशी पांडेय, हरीशचंद्र, दीपांकर, पूजा उपाध्याय, पूरन ठाकुर, सुशील चौरिहा, शंभू धतुरहा, मातादीन वर्मा, जग प्रसाद वर्मा, कालीचरण, रमेश, नत्थू, रमाकांत चौरिहा आदि ने बताया कि दो दिन में खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो लाखों की फसल बर्बाद हो जाएगी।
तमाम किसानों ने कर्ज लेकर अथवा बटाई में खेत लेकर फसल बोई है। सूचना के बावजूद केन कैनाल विभाग द्वारा नहर कटान की सुध न लिए जाने पर किसानों में गहरा आक्रोश है। उधर, केन कैनाल अवर अभियंता मनीष कुमार का कहना है कि टूटी नहर पटरी का निरीक्षण किया गया है। जल्द उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
हर कटान से खेतों की तरफ भर रहा पानी।- फोटो : BANDA