करतल। अंधाधुंध पानी छोड़ने से उफना गई नहर ने सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल डुबो दी। विधानसभा चुनाव में व्यस्त सिंचाई विभाग अधिकारियों ने किसानों की शिकायत पर तवज्जो नहीं दी। इससे किसानों में आक्रोश है। प्रभावित किसानों ने बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग करते हुए चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।मंगलवार की केन कैनाल बिल्हरका ब्रांच में पूरे पंसार के साथ पानी छोड़ दिया गया। उफनाई नहर का पानी पटरियों के ऊपर से बहकर खेतों में पहुंच गया। किसानों द्वारा खेतों में बोई गई हजारों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों द्वारा पटरियों के ऊपर मिट्टी डालकर पानी रोकने की कोशिश नाकाम रही।
किसान रामशिशाल सिंह, रामचरण, रामकिशोर, शिवचरण आदि ने बताया कि 10 दिनों पूर्व सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय ने ठेकेदार से नहर की बाईं पटरी पर थोड़ी बहुत मिट्टी डलवाकर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया। नहर टूटने से उनकी पूरी फसल डूबकर बर्बाद हो गई। सबसे ज्यादा नुकसान चना, मसूर, अलसी, सरसों आदि का हुआ। गेहूं भी मिट्टी में मिलकर सड़ने की स्थिति में है। नहर कोठी में तैनात कर्मचारियों को नहर टूटने की शिकायत बताई। लेकिन कर्मचारियों ने अधिकारियों के चुनाव कार्य में व्यस्त होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों में आक्रोश है। चेतावनी दी है कि नहर पटरी की मरम्मत और अधिकारियों पर कार्रवाई न हुई तो विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।