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हथौरा मदरसे के सौ छात्र भी डायरिया की चपेट में

Tue, 02 Aug 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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जिला अस्पताल में भर्ती हथौरा मदरसा के डायरिया पीड़ित छात्र। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित विश्वविख्यात मदरसा हथौरा के सौ छात्र भी सोमवार को डायरिया का शिकार हो गए। हथौरा और आसपास के कई गांवों में भी लगभग पांच सौ लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। गंभीर मरीजों को सरकारी एंबुलेंसों और अन्य वाहनों से जिला अस्पताल व निजी क्लीनिक भेजा गया। कुछ को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
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पिछले एक पखवारे से डायरिया का जबर्दस्त प्रकोप है। रोजाना मरीज सरकारी और गैरसरकारी अस्पतालों में आ रहे हैं। इसी बीच जौरही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत हथौरा गांव स्थित मदरसे के लगभग सौ छात्रों को भी डायरिया ने जकड़ लिया। शुरुआत सोमवार को दोपहर इक्का-दुक्का छात्रों से हुई लेकिन रात होने तक यह संख्या सैकड़ा पार कर गई। मदरसे के प्रबंधक मौलाना कारी हबीब अहमद और मुफ्ती मौलाना नजीब अहमद ने तत्काल डीएम योगेश कुमार और सीएमओ डा. जीएस वाजपेयी को सूचना दी। साथ ही बीमारों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था कराई। मुख्यालय से डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की दो टीमें देर रात हथौरा भेजी गईं। वहां स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग पूरी रात छात्रों और अन्य डायरिया ग्रस्त ग्रामीणों का इलाज चला। तमाम डायरिया पीड़ितों को सरकारी एंबुलेंसों से मुख्यालय लाकर जिला अस्पताल व अन्य निजी क्लीनिकों में भर्ती कराया गया। सभी की हालत में सुधार बताया गया है। आधा सैकड़ा से ज्यादा छात्रों और अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हथौरा और उसके इर्दगिर्द आबाद छनेहरा लालपुर, मवई, कलेक्टर पुरवा, बिलबई, मौदहा और दोहा आदि गांवों में भी डायरिया का असर पाया गया। यहां भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीड़ितों का इलाज किया। उधर अतर्रा क्षेत्र के पथरा गांव निवासी दादू राम (65) की डायरिया से मौत हो गई। उसे सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं मंगलवार को मौत हो गई।
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