बांदा। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले कंबलों का वजन मात्र एक किलोग्राम है। इतने हल्के कंबलों से मरीजों का ठंड से बचाव मुमकिन नहीं है, जबकि शासन की गाइड लाइन के मुताबिक एक कंबल का वजन दो किलो 200 ग्राम होना चाहिए।
103 शैया वाले जिला अस्पताल में महिला, पुरुष, चिल्ड्रेन, और इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को भर्ती किया जाता है। इन दिनों सुबह और शाम पड़ रही ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों को दिए जाने वाले कंबल बहुत ही हल्के हैं। इन हल्के कंबलों से मरीज सर्दी में ठिठुर जाएंगे।
मरीजों को दिए जाने वाले कंबलों का वजन दो किलो से अधिक होना चाहिए, लेकिन इन दिनों मरीजों को जो कंबल ओढ़ने के लिए दिए जा रहे हैं, उनका वजन मात्र एक किलो है। अस्पताल के कंबल की तौल कराई गई तो उसका वजन एक किलो चार ग्राम ही निकला, जो मानक के आधे से भी कम है।
इससे प्रतीत होता है कि कंबलों की खरीद में मानक का ध्यान नहीं रखा गया। प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर संज्ञान लेने के लिए कहा है।
कंबल का वजन दो किलो 200 ग्राम होना चाहिए। इसके साथ ही 70 प्रतिशत ऊनी होना चाहिए। कंबल की लंबाई 235 और चौड़ाई 140 सेंटीमीटर होना चाहिए, लेकिन कंबल के मानक कम हैं।