अवैध खनन पर लगातार सुनवाई कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट
ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने अवैध खनन पर रोक लगाने के
लिए बांदा और फतेहुपर के डीएम को सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश जारी किए
हैं।
डीएम से कहा कि जनपद की सीमा से जुड़े फतेहपुर जनपद के ललौली
कस्बे से गुजरने वाले वाहनों पर नजर रखने के लिए सात दिन के अंदर क्लोज
सर्किट (सीसीटीवी) कैमरे लगाए जाएं।
इंदिरा नगर (बांदा) निवासी
दुर्गा शंकर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा जनपद में हो रहे अवैध खनन के
विरुद्ध रिट याचिका (संख्या-35308/2015) दायर कर रखी है। इस पर सुनवाई चल
रही है। बुधवार (2 सितंबर) को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में
दिए गए आदेश पर बांदा डीएम ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया।
इसमें
कहा गया कि जनपद में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा। एक जुलाई से 30 सितंबर
तक सभी खदानें बंद हैं। यह हलफनामा मुकदमे की फाइल में शामिल किया गया।
सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की डबल बेंच में शामिल न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण
कुमार टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने कहा कि कोर्ट के संज्ञान में
यह लाया गया है कि बांदा में अवैध खनन से निकाली जा रही बालू ललौली
(फतेहपुर) से होकर निकाली जा रही है।
डबल बेंच ने जनहित का हवाला
देकर आदेश दिया कि फतेहपुर डीएम ललौली पुलिस स्टेशन में सात दिन के अंदर
सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। ललौली से गुजरने वाले हरेक वाहन इन कैमरों में
रिकार्ड किए जाएं।
हाईकोर्ट ने बांदा व फतेहपुर डीएम को आदेश दिया
कि मौके पर जाकर जांच करें कि अवैध खनन तो नहीं हो रहा। यह भी देखें कि खनन
में किसी मशीन का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बांदा
डीएम को आदेश दिए हैं कि मौके पर जाकर देखें कि खदानों में अवैध खनन तो
नहीं हो रहा।
डीएम अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में अगली पेशी में पेश
करें। अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। यह जानकारी वादी दुर्गाशंकर के
अधिवक्ता अखिलेश कालरा ने दी।