बांदा। आशा सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वालीं 27 आशा कार्यकर्ताओं समेत तीन आशा संगिनियों को पुरस्कृत किया गया। डीएम आनंद कुमार सिंह ने कहा कि आशा की मेहनत से मातृ और शिशु मृत्यु दर में काफी कमी आई है। उन्होंने आशा से प्रतिदिन 25 व्यक्तियों के गोल्डन कार्ड बनाने में सहयोग करने को कहा।
राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कालेज में बृहस्पतिवार को आयोजित सम्मेलन में आशा कार्यकर्ताओं के गुणगानों की झड़ी लगी रही। डीएम ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य और राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रमों में आशाओं का काफी योगदान रहा है। टीबी रोग नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने हर ब्लाक से चयनित तीन-तीन आशाओं समेत 24 को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार सौंपे। तीन शहरी आशा और तीन आशा संगिनियों को भी पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार में 5000, द्वितीय में 2000 और तृतीय में एक हजार रुपये दिए गए। अपर निदेशक (स्वास्थ्य) डा. आरबी गौतम ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की समाज में अलग पहचान बनी है।
सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने कहा कि आशाएं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख कड़ी हैं। इनकी वजह से संस्थागत प्रसवों को बढ़ावा मिला है। कोविड-19 जैसी महामारी में आशाओं ने अहम भूमिका निभाई। मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डा. मुकेश कुमार यादव ने ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए आशाओं को प्रेरित किया। संचालन डा. अर्चना भारती व पंकज नामदेव ने किया। एसीएमओ डा. आरएन प्रसाद, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमसी पाल सहित कुशल यादव, अमन गुप्ता, वीरेंद्र प्रताप सिंह, आलोक कुमार, साजिद परवेज सहित 500 आशा कार्यकर्ता मौजूद थे। गुंजन कला मंच ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।