बांदा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से उत्पीड़न
रोकने और चिकित्सा मित्र घोषित करने की मांग को लेकर प्राइवेट चिकित्सकों
ने धरना दिया। डीएम के माध्यम से पीएम और सीएम को ज्ञापन भेजकर मांगे पूरी
करने की मांग की।
प्राइवेट प्राथमिक चिकित्सा मित्र मेडिकल सोसायटी के बैनर तले प्राइवेट चिकित्सकों ने शुक्रवार को कचेहरी चौराहे पर धरना दिया।
राष्ट्रीय
अध्यक्ष उमेश सर्राफ की अगुवाई में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और
ड्रग इंसपेक्टर अवैध रूप से धन उगाही कर रहे हैं। उनके उत्पीड़न से
प्राइवेट चिकित्सक परेशान हैं। मांग की कि मेडिकल स्टोरों (फुटकर दवा
विक्रेता) को फार्मासिस्ट मुक्त किया जाए।
प्राइवेट अस्पतालों,
क्लीनिक, नर्सिंगहोम में चिकित्सा कार्य कर रहे अपंजीकृत कंपाउंडरों को
पंजीकृत कर चिकित्सा मित्र घोषित किया जाए। झोलाछाप डाक्टर जैसे अपमानजनक
शब्द को समाप्त कर उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा प्रमाणपत्र जारी किया जाए।
प्रबंधक
डीके गुप्ता, राष्ट्रीय प्रवक्ता रामराज गुप्ता, मंडल अध्यक्ष एमपी सिंह
खंगार, जिलाध्यक्ष भगत सिंह, केके दीक्षित, अखिलेश यादव, धर्मेंद्र कुमार,
मुन्नालाल पांडेय, जयनारायण शर्मा, ओमप्रकाश, राजकरन कुशवाहा, जितेंद्र
खरे, लक्ष्मी प्रसाद, शिवनरेश, कृष्ण कुमार, जगदीश कुशवाहा शामिल रहे।