बांदा। महिला यात्री से गैंगरेप की घटना में पुलिस
अधीक्षक (जीआरपी) के आदेश पर सप्ताह भर बाद रिपोर्ट दर्जन करने के दूसरे
दिन ही एक नामजद आरोपी को जीआरपी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
अन्य
तीन आरोपी फरार हैं। पीड़ित युवती का मेडिकल परीक्षण कराया गया। उधर,
आरोपी के परिजनों और किसान नेताओं ने मामले को फर्जी बताकर थाने के सामने
प्रदर्शन किया। थानाध्यक्ष पर मनमानी के आरोप लगाए।
रेलवे माल
गोदाम के पास 25 नवंबर को महोबा जनपद के एक कस्बे की महिला से गैंगरेप हुआ
था। इस मामले में जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज न होने पर पीड़ित महिला ने
पुलिस अधीक्षक (जीआरपी) से शिकायत की।
सप्ताह भर बाद तीन दिसंबर को
रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें दो नामजद आरोपियों में दयाशंकर पुत्र छिद्दू
(जसपुरा) को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
दूसरा
नामजद आरोपी मनोज पुत्र रामरूप गड़रिया (जसपुरा) समेत दो अज्ञात फरार हैं।
उधर, दयाशंकर की गिरफ्तारी को लेकर हिंदुस्तान किसान यूनियन के नेताओं और
परिजनों ने शुक्रवार को जीआरपी थाने के सामने में प्रदर्शन किया।
इन
लोगों ने दयाशंकर को फर्जी फंसाने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष
सुरेंद्र तिवारी, चंद्र कुमार शर्मा, सुरेश सिंह, नीला वर्मा, शिवरतन
वर्मा, चंद्रभूषण सिंह, लल्लू प्रसाद, रामरतन ने बताया कि पुरानी रंजिश की
वजह से महिला ने झूठी रिपोर्ट लिखाई है।
जीआरपी पुलिस दयाशंकर को
चार दिनों पूर्व पकड़ कर ले आई थी, लेकिन चालान नहीं किया। किसान नेताओं ने
थानाध्यक्ष पर वसूली और मनमानी के भी आरोप लगाए।
उधर, जीआरपी
थानाध्यक्ष राहऌुल कुमार पांडेय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ये लोग जांच को बाधित करना चाहते
हैं।