महाशिवरात्रि पर शिवालयों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। शिवलिंगों पर जल और दूध की धाराएं बहती रहीं। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बांदा शहर के बांबेश्वर पहाड़ स्थित शिव मंदिर और ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के नीलकंठेश्वर मंदिर में उमड़े। हवन पूजन के साथ भंडारे हुए। जगह-जगह शिव बारात निकली।
बांबेश्वर पहाड़ स्थित शिव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के साथ बांबेेश्वर नवयुवक समाज के स्वयंसेवक व्यवस्था संभाले रहे। जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा फल, मंदार पुष्प, आम्र बौर, बेर आदि चढ़ाकर आरती उतारी। शाम की आरती में भी श्रद्धालुओं का जमघट रहा।
कटरा स्थित शिव मंदिर सहित संकटमोचन, महेश्वरी देवी, कालीदेवी, बटुकेश्वर मंदिर (अलीगंज) भी श्रद्धालुओं से गुलजार रहे। संकट मोचन मंदिर में 11 हजार पार्थिव शिवलिंग पूजन किया गया। उधर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिंहवाहिनी कटरा मेें केक काटकर परमपिता शिव का अवतरण दिवस मनाया।
बबेरू प्रतिनिधि के अनुसार, बांदा रोड स्थित नागबाबा गद्दी में हवन, यज्ञ और भंडारा के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ट्रैक्टरों में शंकर, पार्वती समेत देवताओं की झांकियां सजाई गई। मढ़ीदाई मंदिर, अदभुत शिव मंदिर और गायत्री शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक के साथ बेल पत्र, धतूरा फल व फूल और नारियल चढ़ाए। सुंदर कुआं राम-जानकी शिव मंदिर, अतर्रा रोड शिव मंदिरमें पूजा-अर्चना,प्रसाद वितरण हुआ।
कांलिजर प्रतिनिधि के अनुसार, दुर्ग स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर में सीमावर्ती मध्य प्रदेश समेत दूर दराज के हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सुबह नौ बजे रुद्राभिषेक हुआ। शाम को आरती हुई। उधर, महिलाएं मंगल गीत और भजन गाती रहीं। देर रात आचार्य शंकर प्रताप मिश्र ने टीके और भांवर की रस्म अदा कराई। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विवाह हुआ। इसके पूर्व नगर में शिव बारात निकाली गई। प्रसाद वितरण हुआ।
उधर, दुर्ग के नीचे बलखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी शिव-पार्वती विवाह की रस्म अदा की गई। योगेंद्र दुबे, रामभरोसे चौरसिया, मुन्ना हलवाई आदि व्यवस्था में शामिल रहे। दुबे का मंदिर, दमेले मंदिर, पुरवार मंदिर, शिव मंदिर सौंता में भी शिव विवाह और भंडारा हुआ। जिला जज रामकृष्ण गौतम सहित एडीजे राम कुमार, एनके झा, एसके श्रीवास्तव, पीके त्यागी, सीजेएम रामदयाल, सिविल जज नरेश कुमार, एसीजेएम तबरेज अहमद आदि ने भी कालिंजर दुर्ग नीलकंठेश्वर मंदिर में दर्शन किए। एसडीएम धीरेंद्र कुमार सहित कई थानों का फोर्स तैनात रहा।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार, सिद्धपीठ गौराबाबा धाम समेत शिव मंदिरों में भजन कीर्तन के साथ कन्या भोज व प्रसाद वितरण हुआ। रात में गौराबाबा धाम में भव्य आरती उतारी गई। बदौसा प्रतिनिधि के अनुसार, पुरानी बाजार से निकली शिव बारात निकली। नई बाजार शिव मंदिर में हलुवा बांटा गया। गिरवां के भूतेश्वर पहाड़ स्थित भूतनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
खप्टिहा कलां प्रतिनिधि के अनुसार, महाकालेश्वर मंदिर में भी दुग्धाभिषेक के साथ श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। पुजारी गोपालदास ने बताया कि यह स्थान करीब 200 वर्ष पुराना है। क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार फोर्स समेत यहां मौजूद रहे। गढ़ीदाई, पाथादाई, पूर्वी माता, राम-जानकी व राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना की।
उधर कमासिन के जमरेहीनाथ शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। इंगुवा के नजदीक महादेवन मंदिर में भी पूजा-अर्चना के दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगे।