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सावन के पहले सोमवार को गूंजे हर-हर महादेव

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Har-har Mahadev echoed on the first Monday of Sawan - फोटो : BANDA
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बांदा। सावन इस बार कुछ नए संयोग लेकर आया है। रिमझिम बारिश के बीच सोमवार को इसकी शुरुआत हुई। समापन भी सोमवार को ही होगा। पूरे माह में पांच सावनी सोमवार होंगे। यह संयोग पांच साल बाद आया है। पहले दिन ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
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शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र आदि चढ़ाए। शहर के कैलाशपुरी स्थित बांबेश्वर मंदिर और ऐतिहासिक दुर्ग कालिंजर का नीलकंठेश्वर मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र रहे।
सावन का आगाज सोमवार को सुबह रिमझिम बारिश के साथ हुआ। भक्तों ने शहर के बांबेश्वर पर्वत की गुफा में शिवलिंग का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। पुरोहितों ने यजमान के कल्याण के लिए महा मृत्युंजय व पंचाक्षर मंत्र ऊं नम: शिवाय का जाप शुरू किया।
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अलग-अलग मार्ग बनाकर बैरीकेटिंग की गई थी। पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर के बाहर मार्ग पर पूजा सामग्री की दुकानें लगीं। उधर, शाम को शहर से तीन किलो मीटर दूर अतर्रा रोड पर जमुनादास के महावीरन में भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने बजरंग बली का पूजन कर प्रसाद चढ़ाया। अन्य शिव मंदिराें में भी यहीं नजारे रहे। देर रात तक हर-हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।
ऑनलाइन टिकट से मंदिर में मिला प्रवेश
कालिंजर। दुर्ग स्थित नीलकठंश्ेवर मंदिर में पहले सोमवार को आए श्रद्धालुओं को काफी दुश्वारियों का सामना रहा। उन्हें ऑनलाइन टिकट लेकर मंदिर में प्रवेश मिला। तमाम श्रद्धालुओं को वापस लौटना पड़ा। ऑनलाइन बुकिंग में उनका पैसा कट गया, लेकिन टिकट नहीं मिला।
सुबह 8 बजे मंदिर में नीलकंठ और पार्वती के दर्शन शुरू हो गए। पुलिस पूरे समय तैनात रही। बलखंडेश्वर की विशाल शिव प्रतिमा पर भी श्रद्धालुओं का जमघट रहा। यहां पेयजल व्यवस्था न होने से श्रद्धालु प्यासे रहे।
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