बांदा। एक व्यक्ति को दो से अधिक लाइसेंसी शस्त्र रखने पर केंद्र सरकार की लगाई गई रोक के बाद तीसरा लाइसेंसी शस्त्र सरेंडर किया जाना शुरू हो गया है। प्रदेश के गृह मंत्रालय ने तीसरा लाइसेंसी शस्त्र 13 दिसंबर तक जमा करने का आदेश दिया है। हालांकि डीएम ने पिछले हफ्ते नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर शस्त्र और लाइसेंस सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। तीसरा शस्त्र लाइसेंस सरेंडर करने की शुरुआत सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने की है।
पिछले वर्ष भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने आर्म्स (एमेडमेंट) एक्ट-1959 में संशोधन करते हुए एक व्यक्ति के पास अधिकतम दो लाइसेंसी शस्त्र रखने का प्रावधान किया है। इस पर उत्तर प्रदेश शासन ने भी अमल शुरू कर दिया है। हाल ही में प्रदेश सरकार के गृह मंत्रालय ने आदेश जारी कर तीसरा शस्त्र और लाइसेंस 13 दिसंबर 2020 तक जमा/सरेंडर करने के आदेश जारी किए थे।
जिला मजिस्ट्रेट अमित सिंह बंसल ने तीन शस्त्र धारकों को पिछले माह नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर अपने कोई एक शस्त्र, कारतूस, खोखे, लाइसेंस आदि सरेंडर/जमा करने के आदेश दिए थे। जिले में तीन शस्त्रधारकों की संख्या 112 है। इनमें ज्यादातर जनप्रतिनिधि, पूर्व और मौजूदा अधिकारी, पूर्व विधायक और रसूख वाले घरों की कुछ महिलाएं शामिल हैं।
राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद को भी नोटिस मिला था। उनके पास तीन लाइसेंस है। इस पर निषाद ने अपनी दोनाली कारतूसी बंदूक (12 बोर) सोमवार को शहर के बुंदेलखंड गन हाउस में जमा कर दी है। उन्होंने शस्त्र की दुकान से मिली रसीद के साथ निर्धारित प्रारूप और लाइसेंस की मूल प्रति जिला मजिस्ट्रेट को भेज दी है।