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जल निगम की फाइलों में पानी दे रहे हैंडपंप धरातल पर सूखे

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बांदा। जिन गांवों में खराब हैंडपंप को जल निगम ने दुरुस्त कराने का दावा किया है, वहां के ग्रामीण इस दावे की पोल खोल रहे हैं। हैंडपंप खराब पड़े हैं। मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि गलत सूचना दी गई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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जिला पंचायत राज विभाग ने हाल ही में आठ विकास खंडों के 470 ग्राम पंचायतों में हैंडपंपों का सत्यापन कराया था। इसमें 7681 हैंडपंप अस्थायी और 1342 हैंडपंप स्थायी रूप से खराब मिले थे। इनकी सूची जल निगम को भेजी गई थी। इस पर जल निगम ने पंचायती राज विभाग को अवगत कराया कि सभी हैंडपंप दुरुस्त कर दिए गए हैं।
इनमें 7165 की मरम्मत और 26 हैंडपंपों को रिबोर किया गया है। जल निगम के मुताबिक दुरुस्त कराए गए हैंडपंपों में महुआ ब्लाक में 1010, बड़ोखर में 883, जसपुरा में 372, बबेरू में 951, बिसंडा में 595, कमासिन में 733 व तिंदवारी में 1607 अस्थायी और तिंदवारी में 24 व जसपुरा में 2 हैंडपंप ठीक किए गए हैं।
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शिकायत के बाद भी ठीक नहीं कराए हैंडपंप
जसपुरा ब्लाक के गड़रिया गांव निवासी रामप्रसाद का कहना है कि गांव में 12 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। गांव में पेयजल संकट है। कंट्रोल रूम को शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आज तक हैंडपंप ठीक नहीं हुए।
गांव के खराब हैंडपंप प्रधान नहीं करा रहे दुरुस्त
महुआ ब्लाक के बलखेड़ा गांव के श्याम बिहारी का कहना है कि प्राथमिक विद्यालय सहित गांव में छह हैंडपंप खराब हैं। प्रधान इन्हें दुरुस्त नहीं करा रहे। डीपीआरओ से भी शिकायत की है, लेकिन हैंडपंप नहीं ठीक हुए।
खराब पड़े हैं हैंडपंप, लोग हो रहे परेशान
बिसंडा ब्लाक के अजीतपारा गांव के रमेश का कहना है कि यहां जल निगम द्वारा हैंडपंपों की कोई मरम्मत नहीं कराई गई। खराब हैंडपंप उसी तरह पड़े हुए हैं। लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। इनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
जल निगम द्वारा ठीक कराए गए हैंडपंपों का ग्राम्य विकास विभाग से सत्यापन कराया जाएगा। लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -हरिश्चंद्र वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी, बांदा।
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