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आश्वासन पर नहीं माने घुमंतू, उपवास बरकरार

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खेरवा गांव में दूसरे दिन भी उपवास पर बैठे उपवास। - फोटो : BANDA
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बांदा। नरैनी तहसील के खेरवा गांव में सरकारी राशन और मदद से वंचित घुमंतू परिवारों का सामूहिक सत्याग्रह उपवास गुरुवार को भी जारी रहा। एसडीएम से लेकर ग्राम प्रधान तक ने उन्हें आश्वासन देकर सत्याग्रह खत्म कराना चाहा लेकिन ठोस कार्रवाई के बगैर घुमंतू परिवार नहीं माने। उधर, पुलिस की मौजूदगी में उपवास स्थल पर लगे बैनर को तोड़ फेंका गया।
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खेरवा गांव में करीब 42 घुमंतू परिवारों के घर चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। ज्यादातर के पास राशनकार्ड भी नही है। लॉकडाउन में उनका पुश्तैनी पेशा भी ठप है। ऐसे में तंगहाली और भुखमरी की कगार पर है। प्रशासन और शासन की उपेक्षा से नाराज घुमंतू बुधवार से गांव में ही बैनर लगाकर सामूहिक उपवास सत्याग्रह पर बैठ गए। शाम को एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव मौके पर पहुंची। मदद का आश्वासन देकर उपवास खत्म करने को कहा, लेकिन घुमंतू नहीं माने। उनका कहना था कि उन्हें तत्काल राशन और सहायता दी जाए।
गुरुवार को ग्राम प्रधान, सचिव और लेखपाल भी पहुंचे। हरेक परिवार को पांच-पांच किलो राशन देकर अनशन खत्म कराने की कोशिश की लेकिन इनका कहना है कि कम से कम एक माह का राशन दिया जाए। गांव के लल्लू कबीर ने कहा कि सरकार सभी गरीबों को मुफ्त राशन के दावे कर रही है, लेकिन यहां राशनकार्ड में ही दलाल सक्रिय है। फूलचंद्र ने कहा कि जरूरतमंद गरीबों को राशन न मिलने से सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
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