अतर्रा। इस बार चुनाव में वोट देने के लिए सड़कों पर आधी आबादी अधिक दिखाई दी। घर परिवार के अहम फैसलों के लिए पति, सास, ससुर की राय लेने वाली आधी आबादी ने लोकसभा के चुनाव में अपने मन की बात सुनी, साथ ही अपने प्रत्याशी का चयन स्वयं कर उसे मतदान किया।
मतदान करने वाली अधिकांश नवविवाहिताओं ने बताया कि उन्होंने परिवार के सदस्यों से राय जरूर ली, लेकिन तवज्जो उसी उम्मीदवार को दिया जो ठीक समझ में आया। नवविवाहिताओं ने बताया वह वोट डालने तो पति, सास व अन्य परिवारीजनों के साथ बूथ पर गई थीं, लेकिन वोट उन्होंने अपने समझ से दिया है। लखन कॉलोनी निवासी जूही गुप्ता ने बताया कि घर परिवार में फैसलों पर पति, सास और ससुर की राय को तवज्जो देती हूं।
मतदान में मैंने अपने मन की आवाज को सुना, जो उम्मीदवार अच्छा लगा, उसे वोट दिया है। स्टेशन रोड निवासी उमा गुप्ता का कहना है कि महिलाएं देश की आधी आबादी है। मतदान करना हमारी जिम्मेदारी और अधिकार है, इसलिए हमने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देने का काम किया है। सेजल, ब्रह्म नगर के मुताबिक क्षेत्र के विकास के लिए वोट दिया है।
किसे वोट करें इसको लेकर काफी राय बनी, लेकिन अंत में मतदान अपने चुनिंदा प्रत्याशी को किया है। सिविल लाइन निवासी मंजू ने बताया कि घर के सभी लोगों ने अपने-अपने पसंदीदा प्रत्याशी का चयन कर मतदान करने की बात कही, हमने भी मतदान अपने देश के लिए अच्छे प्रत्याशी को वोट किया है।
अतर्रा की महिमा पाठक कहतीं हैं कि मतदान करना सभी का अधिकार है, हमने भी मतदान यही अधिकार के साथ किया। आने वाले समय जनप्रतिनिधि से अपने अधिकार के साथ ही बात भी कर सकेंगे।