फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: पंचायत में सुनवाई होती तो जिंदा होते दोनों बच्चे

Tue, 13 Oct 2026 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
विज्ञापन
फोटो-24- नंदवारा गांव में अनशन पर बैठा पीड़ित परिवार। संवाद
विज्ञापन
नरैनी (बांदा)। नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार का क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा।
विज्ञापन

घर के दरवाजे पर बैठे परिवार के समर्थन में ग्रामीण भी जुटे रहे। पिता भइया राम ने कहा कि अगर पंचायत में उनकी सुनवाई हुई होती तो शायद आज उनके दोनों बच्चे जिंदा होते।
मामले में उन्होंने महेंद्र पाल वर्मा और शेरा उर्फ ओमकार की गिरफ्तारी होने तक अनशन जारी रखने का एलान किया है। परिवार के अनुसार मंगलवार को भी कोई जिला स्तरीय अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

बीते 30 सितंबर को भइया राम के छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय बेटे युवराज के शव घर से कुछ दूरी पर पानी भरे गड्ढे में मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की हत्या की पुष्टि हुई थी।
पिता की तहरीर पर तीन महिलाओं समेत नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूर्व मंत्री के पुत्र और सपा नेता महेंद्र पाल वर्मा समेत अन्य की भूमिका की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने एसआईटी गठित की है।
भइया राम ने बताया कि 11 अगस्त को आरोपियों से हुए झगड़े में उनकी मां के कान में चोट आई थी। उनका कान बहने लगा है और गांव में ही इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद एक पंचायत भी हुई थी, लेकिन उसमें किसी ने उनकी नहीं सुनी। अगर तभी पंचायत सुनवाई करती और आरोपी पक्ष को गलती का अहसास कराया जाता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। परिवार ने मामले में जल्द कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।
उधर, नंदवारा गांव में पीड़ित परिवार के घर पर पुलिस की निगरानी जारी है। एसआई अरविंद पाल समेत चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
-

लखनऊ में सीबीआई जांच की मांग, कैंडल मार्च
नंदवारा में दोनों मासूम भाइयों की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर सोमवार रात लखनऊ में कैंडल मार्च निकाला गया। लोधी महेंद्र पाल वर्मा की पत्नी अंजना वर्मा और पुत्रवधू कोमल वर्मा के नेतृत्व में समर्थकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की सीबीआई जांच कराने, निष्पक्ष तरीके से सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
-
नौहाई में अटकी एसआईटी की जांच, मारपीट का मिला वीडियो
बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को सीओ के निर्देशन में टीम ने नौहाई गांव में करीब चार घंटे तक छानबीन की। पुलिस को हत्याकांड से पहले हुई मारपीट का एक वीडियो भी मिला है। इसकी सत्यता परखी जा रही है।
इस दौरान टीम ने आरोपियों के रिश्तेदारों से पूछताछ कर वारदात वाले दिन मासूम भाइयों छह वर्षीय मनोज और चार वर्षीय युवराज के बारे में जानकारी जुटाई। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात वाले दिन दोनों बच्चे कहां खेल रहे थे, किस दिशा में गए और उन्हें अपने साथ कौन ले गया था।
जांच में पूर्व में अपराधी रहे शेरा उर्फ ओमकार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। सीओ सिटी एवं एसआईटी प्रमुख सौरभ सिंह ने बताया कि नौहाई गांव से कुछ अहम सुराग मिल रहे हैं। हत्याकांड का जल्द खुलासा हो सकता है। (संवाद)
-
झांसी की टीम नहीं पहुंची, सीन रिक्रिएशन टला
नंदवारा गांव में जिस जगह दोनों बच्चों के शव मिले थे, वहां पुलिस दो बार सीन रिक्रिएशन करा चुकी है, लेकिन कोई खास सुराग नहीं मिला। इसके बाद एसआईटी ने झांसी की फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बुलाने की तैयारी की थी। फिलहाल झांसी की टीम जालौन में एक वारदात के खुलासे में जुटी है। इसके चलते मंगलवार को सीन रिक्रिएशन नहीं हो सका।

फोटो-24- नंदवारा गांव में अनशन पर बैठा पीड़ित परिवार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें