बांदा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के क्लीन यूपी, ग्रीन
यूपी के मिशन को वन विभाग और मेडिकल कालेज ने पलीता लगा दिया। स्टेट हाइवे
किनारे फुटपाथ पर राहगीरों की छाया के लिए लगे भारी भरकम और हरे भरे आधा
दर्जन से ज्यादा पेड़ धराशाई कर दिए गए।
मुख्यमंत्री ने ग्रीन यूपी
मिशन के तहत एक दिन में 10 लाख पौधे रोपने की शुरुआत चित्रकूटधाम मंडल से
ही इसी माह की थी। मंडल मुख्यालय में ही मिशन पर कुल्हाड़े चल गए।
बुंदेलखंड
में खासतौर पर पेड़ों को बचाने की कवायदें चल रही हैं। बुंदेलखंड में
हरियाली के प्रति मुख्यमंत्री की दिलचस्पी इसी से जाहिर है कि मिशन का पहला
पौधा उन्होंने इसी माह सात नवंबर को चित्रकूटधाम मंडल के मौदहा बांध में
लगाया।
इसी के चंद दिन बाद ही मंडल मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज गेट के सामने आधा दर्जन से ज्यादा भारी भरकम पेड़ काट फेंके गए।
मेडिकल
कालेज का उद्घाटन मार्च माह में मुख्यमंत्री ने किया था। काटे गए पेड़ों
में अर्जुन, कहवा, कैथा आदि के पेड़ शामिल हैं। ये शोभाकार होने के साथ ही
राहगीरों को घनी छाया भी दे रहे थे।
काटे गए पेड़ों की कीमत लाखों
रुपये है। पर्यावरण कार्यकर्ता व प्रवास सोसायटी के आशीष सागर का कहना है
कि 21 नवंबर को सैफई (इटावा) में मुख्यमंत्री पौध रोपण करने वालों का
सम्मान करने जा रहे हैं।
दूसरी तरफ उन्हीं के अधीनस्थ विभागीय
अधिकारी पौधों पर कुल्हाड़े चलवा रहे हैं। आशीष ने मुख्यमंत्री को पत्र
भेजकर जांच की मांग की है।
नरैनी रोड पर स्थित मेडिकल कालेज
गेट के पास काटे गए पेड़ कालेज के गेट में बाधक थे। इनको चिह्नित कर वन
निगम को पेड़ काटने का निर्देश दिया गया था।
वन निगम ने सभी पेड़
काटे हैं। लकड़ी भी वन निगम अपने डिपो में ले आया है। यहां उसकी नीलामी
होगी। काटे गए पेड़ों के स्थान पर आसपास नए पौधे लगाए जाएंगे। -जेके
जायसवाल, वन निगम अधिकारी, बांदा
राजकीय निर्माण निगम के प्रभारी
शेखर वर्मा का कहना है कि आधा दर्जन पेड़ काटे गए हैं। इनमें दो कैथा और
चार अर्जुन के पेड़ हैं। मेडिकल कालेज के पहले गेट के सामने ये अवरोध बने
थे।
कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य डा. आरपी सिंह ने दो बार वन विभाग
को पत्र भेजकर पेड़ काटने का अनुरोध किया था। इसीलिए वन विभाग की टीम ने
पेड़ काटे हैं और वही लकड़ी भरकर ले गई है।