बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा में नियुक्तियों, पौधरोपण और कोरोना काल में शिक्षण आदि की शिकायतों पर प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय कुलाधिपति ने कुलपति से 13 अक्तूबर तक रिपोर्ट तलब की है।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ अखबारों में छप रही खबरों का संज्ञान लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने विश्वविद्यालय कुलाधिपति/राज्यपाल को 24 अगस्त को पत्र भेजा था।
इसमें प्रिंट और सोशल मीडिया की खबरों के हवाले से कहा था कि अस्थाई पदों पर हुई नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद हुआ हैं। आरक्षण की व्यवस्था का पालन नहीं किया गया।
वन विभाग द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में वर्ष 2016 में कराए गए 12 हजार पौधों को वर्ष 2019 में उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। जंगल सफाई के नाम पर कैंपस के अंदर पुराने सैकड़ों बहुमूल्य वृक्षों को खुर्दबुर्द करने की खबरें भी प्रकाशित हुई हैं।
लॉकडाउन अवधि में स्नातकोत्तर छात्रों को विश्वविद्यालय बुलाकर शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। कुछ छात्र कोरोना संक्रमित भी हुए हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि यह सब केंद्र और राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।
उपरोक्त शिकायत पर कुलाधिपति/राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी केयूर सी. संपत ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजे पत्र में कहा है कि इस मामले में अपनी आख्या 13 अक्तूबर 2020 तक राज्यपाल सचिवालय को उपलब्ध कराएं। विशेष कार्याधिकारी ने इस पत्र की प्रति श्री सिद्दीकी को भी प्रेषित की है।