केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने किसान-मजदूर पंचायत में शुक्रवार को यहां कहा कि भारत सरकार ने फैसला लिया है कि ओला, बारिश से गेहूं का रंग चाहे जैसा भी हो, उसकी खरीद की जाएगी। इसमें राज्य सरकारों को जो भी नुकसान होगा उसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यूपी सरकार ने 27 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मांगे हैं। इसमें 6000 करोड़ की पहली किश्त दी जा चुकी है।
गृहमंत्री ने किसानों की खुली वकालत करते हुए कहा कि 1 फीसदी भी फसल खराब हुई है तो मुआवजा दिया जाना चाहिए। अभी तक 50 फीसदी फसल नुकसान पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान था। अब केंद्र सरकार ने 33 प्रतिशत फसल नुकसान पर भी मुआवजा दिए जाने का नियम लागू कर दिया है। मुआवजा की राशि भी बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दी गई है।
गृहमंत्री ने कहा कि वह खुद खेत-खलिहानों में गए हैं। फसलों की हकीकत देखी है। अलसी भूसा हो गई। गेहूं काला पड़ गया या उसमें चमक चली गई। दाना छोटा है। चना भी काला पड़ गया है। इन हालात पर उन्होंने प्रधानमंत्री से चर्चा की और इस पर फटाफट काम कराने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने इसे स्वीकार लिया। गृहमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों का उद्धार करें। मुआवजा या किसी भी मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।