'Government' will buy wheat from door to door
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बांदा। खुले बाजार में गेहूं के दाम अधिक होने से किसान सरकारी खरीद केंद्रों का रुख नहीं कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने किसानों को लुभाने के लिए जिला स्तर पर मोबाइल खरीद केंद्र का संचालन शुरू किया है। मोबाइल खरीद केंद्र प्रभारी, प्रधान व राशन विक्रेता की सूचना पर गांव में जाकर गेहूं की खरीद करेगा। शर्त के मुताबिक उस गांव में एक ट्रक गेहूं से कम न हो।
जनपद में इस वर्ष गेहूं खरीद का लक्ष्य 72 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। गेहूं की खरीद पहली अप्रैल से शुरू हो गई थी। लेकिन एक माह में महज खरीद केंद्रों में 200 मीट्रिक टन गेहूं बिकने के लिए आया है। उधर, यूक्रेन व रूस युद्ध की वजह से गेहूं के दामों में खासा उछाल आया है। खुले बाजार में गेहूं 2100 से 2200 क्विंटल बिक रहा है। इससे ज्यादातर किसान गेहूं खुले बाजार में बेच रहा है।
किसानों का कहना है कि एक तो उन्हें समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिल रहे हैं वह भी नकद। दूसरा ऑनलाइन की तमाम झंझटों से छुटकारा मिल रहा है। खरीद केंद्रोें में गेहूं की आवक कम होने से परेशान अधिकारियों ने किसानों को लुभाने के लिए मोबाइल खरीद केंद्र का संचालन शुरू किया है। मोबाइल टीम किसान के गांव जाकर गेहूं की खरीद करेगी। लेकिन शर्त यह रखी गई है कि उस गांव में कम से कम एक ट्रक गेहूं होना चाहिए।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सीपी पांडेय ने बताया कि मोबाइल क्रय केंद्र संचालन के संबंध में ग्राम प्रधान व राशन विक्रेताओं को अवगत कराया गया है। कहा गया है कि जिस गांव में एक ट्रक गेहूं बिकने के लिए तैयार हो उसकी सूचना मोबाइल नंबर 9026109092 में दी जाए। मोबाइल केंद्र प्रभारी उस गांव में जाकर राशन की दुकान के माध्यम से गेहूं की खरीद करना सुनिश्चित करेंगे।