बांदा/बिसंडा। डीएम कालोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन कथाव्यास आचार्य विनोद शुक्ल ने सुदामा और श्रीकृष्ण की कथा सुनाकर भक्त और भगवान के मिलन का वर्णन किया। कहा कि भक्त के याद करने पर भगवान भी चले आते हैं।
कथाव्यास ने बताया कि सखा सुदामा को मन से पुकारने पर प्रभु ने तीन लोकों का राज्य दे दिया। द्रौपदी ने पुकारा तो प्रभु भागे चले गए। इसके पूर्व उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं सहित रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया। गोवर्धन पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि गोकुल में सात दिनों तक लगातार बारिश से हाहाकार मचा हुआ था। श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का घमंड चूर करने के लिए गिरिराज पर्वत को अपनी बाई उंगली से उठा लिया। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू हुई है। परीक्षित के रूप में कमलेश कुमार शुक्ला व बीना शुक्ला रहे। संगीत शशांक तिवारी व संजू शुक्ला ने संगीत दिया। डा.पद्मकांत शुक्ला, सुरेश कुमार शुक्ला, राकेश कुमार शुक्ला, कंचन शुक्ला, पंकज शुक्ला, अभिषेक शुक्ला व प्रमोद शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
उधर, बिसंडा कस्बे के खमरिया दाई में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि भरत का चरित्र संसार में माया मोह से मुक्त रहने का संदेश देता है। श्रीकृष्ण का जन्म मानव को शब्द मार्ग पर लगाए रखने के लिए हुआ है। यजमान के रूप में रामशरण सिंह, उर्मिला देवी मौजूद रही। समापन 6 फरवरी को व भंडारा 7 फरवरी को होगा।