देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव महिला घर पहुंची तो बरामदे में बेटी का शव पड़ा देखकर चीख पड़ी। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। युवती के कपड़े अस्त-व्यस्त होने से परिजन दुष्कर्म के बाद गला कसकर हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने जांच करा कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की दोपहर महिला प्राथमिक विद्यालय में झाड़ू-पोछा करने के बाद घर पहुंची। उसके घर का दरवाजा खुला पड़ा था। दरवाजा खुला देखकर वह ठिठकी और अंदर पहुंची तो बरामदे में 18 वर्षीय बेटी पड़ी दिखी। महिला ने बेटी को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई हरकत न होने पर वह चीख पड़ी। शोर सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ वहां पहुंची। युवती के कपड़े अस्त-व्यस्त थे और गले में दुपट्टे का फंदा कसा था।
ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो गांव वालों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। परिजन और ग्रामीणों ने कपड़े अस्त व्यस्त होने से दुष्कर्म के बाद दुपट्टे से गला कसकर हत्या किए जाने का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर और जांच करा कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
महिला के मुताबिक कुछ साल पहले पति का देहांत हो चुका है। बुजुर्ग ससुर इलाज कराने के लिए बेटों के पास कानपुर गए थे। बेटी घर पर अकेली थी।वहीं देहात कोतवाली प्रभारी चंद्र प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। दो डाक्टरों का पैनल शव के पोस्टमार्टम के लिए नियुक्त किया गया है, रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।