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हर माह करें जांच, कैंसर बन सकती है ब्रेस्ट की गांठ

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Get tested every month, breast lump can become cancer - फोटो : BANDA
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बांदा। किशोर उम्र 14-15 साल से लेकर सभी उम्र की महिलाओं को महीने में एक बार ब्रेस्ट का परीक्षण खुद करना चाहिए। गांठ ही कैंसर का मुख्य कारण है। लापरवाही से यह शरीर के अन्य अंगों में फैलकर लाइलाज हो जाता है।
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यह बात वूमेन डाक्टर्स विंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में रविवार की शाम हार्पर क्लब में आयोजित सेमिनार में वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ और चेयरपर्सन डॉ. शबाना रफीक ने कही। उन्होंने आडियो विजुअल प्रजेंटेशन से ब्रेस्ट कैंसर के मुख्य कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि समय-समय पर जांच कर लेने से गांठ आदि डायग्नोसिस हो जाने पर समय से इलाज हो जाता है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कंचन सिंह ने कहा कि कन्याओं और दूध पिलाने वाली तथा उम्रदराज महिलाओं आदि में ब्रेस्ट की बीमारियां अक्सर हो जाती हैं। इनके प्रति गंभीर और सतर्क रहना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसआर वर्मा ने कहा कि छह माह तक बच्चे को सिर्फ स्तनपान कराएं। पानी भी न दें। छह माह के बाद घर में रोजमर्रा बनने वाला भोजन का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा खिलाएं, ताकि बच्चे को स्वाद का पता लगे।
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हार्पर महिला क्लब अध्यक्ष शमीम बानो ने कहा कि मनोरंजन पूर्ण कार्यक्रमों के अलावा स्वास्थ्य संबंधी आयोजन भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही क्लब वूमेन डाक्टर्स विंग के सहयोग से स्वास्थ्य मेला कराएगा। क्लब सचिव मंजू लता ने आभार जताया।
ज्योत्सना पुरवार, शशि मेहरा, वंदना गुप्ता, अंजू पुरवार, रीता गुप्ता, जया पुरवार, शोभना, जागृति वर्मा, सुनीता गुप्ता, शोभा चौहान, मंजरी ओमर, मंजू ओमर, शेरोन सिंह, शिवानी सिंह आदि उपस्थित रहीं। दवा कंपनी के जोनल रीजनल मैनेजर नेपाल सिंह और प्रतिनिधि श्रीश, नितीश द्विवेदी तथा एचएमएस स्कूल शिक्षक सैय्यद खुर्शीद अनवर आदि उपस्थित रहे। संचालन मुसाब अहमद ने किया।
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