अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। श्रम विभाग ने संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत मंगलवार को मजदूर परिवारों के 20 छात्र-छात्राओं को नई साइकिलें सौंपीं। मंडल के उप श्रमायुक्त ने उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
उप श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन मजदूरी करने वाले श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन किया गया था। इन मजदूरों को नजदीकी जनसेवा केंद्र में अपना रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण और योजना हित लाभ के आवेदन करने को प्रेरित किया गया। कैंप लगाकर प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के नामांकन कराए गए। मंगलवार को संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत कक्षा 10वीं और 12वीं पास कर चुके मजदूरों के बेटे-बेटियों को उप श्रमायुक्त ने साइकिलें सौंपी। यह छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।
साइकिल प्राप्त करने वाले मेधावियों में छात्र धरमदास, नरेंद्र कुमार, जयकरन, रामकिशन, रामकिशोर, कैलाशचंद्र, नंदकिशोर, चेतराम, बैजनाथ, नन्ना भइया, रानी, कलावती, कल्ली, मुन्नी, वीरेंद्र, पूनम, विमला, पूरन, रवि कुमार, राजकरन वर्मा, बाबूलाल आदि शामिल हैं। समारोह में उप श्रमायुक्त समेत श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार, वरिष्ठ सहायक मोहम्मद इमत्याज, सहायक लेखाकार शादाब रशीद व शिवकांत तथा स्टाफ कर्मी समीर कुशवाहा आदि मौजूद थे।
मजदूरों के बच्चों को शिक्षा सहायता योजना
संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 25 वर्ष के अधिकतम दो पुत्र-पुत्रियों को कक्षा एक से उच्च शिक्षा के लिए न्यूनतम 150 रुपये मासिक से 2000 रुपये मासिक तक छात्रवृत्ति दी जाती है। पाठ्यक्रम में आईटीआई, वोकेशनल कोर्स, प्रोफेशनल कोर्स, सरकारी संस्था/कालेज के वार्षिक शुल्क के समान धनराशि देय है। इसके अलावा विभाग की मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में मेधावी छात्र-छात्राओं को कक्षा पांच से उच्च शिक्षा के लिए 4000 से 22,000 रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।