बांदा। शहर में कूड़े-कचरे, मृत जानवरों के निस्तारण पर सवाल उठे। गंछा निवासी प्रेमशंकर ने स्थायी लोक अदालत में उठाया मामला।
उन्होंने आरोप लगाया कि कचरा, सीवेज रास्तों के किनारे डाले जाते हैं। कचरे में आग से धुंआ, प्रदूषण फैलता है। प्रेमशंकर ने पथरिया खदान मार्ग पर कूड़ा डालने पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, नगर पालिका ने अदालत में आरोपों को गलत बताया। पालिका ने कहा, 31 वार्डों से कूड़ा निर्धारित स्थल तक पहुंचता है।
हटेटीपुरवा स्थित एमआरएफ प्लांट में कचरे की छंटाई होती है, एफएसटीपी में सेप्टिक टैंक के मल का वैज्ञानिक निस्तारण होता है। मृत जानवरों को निर्धारित गड्ढों में दफन किया जाता है। स्थायी लोक अदालत की पीठ ने सुलह कराई। शिकायतों के जल्द निस्तारण के भरोसे पर पक्ष सहमत हुए। 28 सितंबर को वाद निस्तारित कर दिया गया। (संवाद)