बांदा। मंदिरों से घंटे चुराकर बर्तन की दुकानों पर बेचने वाले अंतरजनपदीय घंटा चोर गिरोह का बिसंडा थाना व एसओजी पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। गिरोह के चार बदमाशों फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के लोहारन गढ़वा निवासी पुन्ना उर्फ माहिल निषाद व रामनरेश निषाद, मरका थाना क्षेत्र के बैरफ गांव निवासी रामकिशोर उर्फ बड़कौना, बर्तन व्यवसायी कमासिन रोड बबेरू राज गुप्ता को पकड़ा है। इनके कब्जे से तीन लाख 50 हजार रुपये के 610 किलो चोरी के घंटे बरामद किए गए हैं।
बदमाशों ने पिछले दिनों मरका व बिसंडा क्षेत्र के अलग-अलग मंदिरों से उन्होंने घंटा चोरी किए थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के पांच बदमाश मास्टर माइंड फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के सुकेती गांव निवासी कमल गुप्ता, गाजीपुर थाना क्षेत्र के ही बरईखुर्द गांव का मेराज खान, कमासिन रोड बबेरू निवासी बर्तन व्यवसायी रामदीन गुप्ता, बबेरू कस्बा निवासी खरीदार जवाहर सोनी, खरीदार बबेरू निवासी सुनील सोनी अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं।
एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र और सीओ बबेरू ने सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में चोरी का खुलासा किया। बताया कि 21 दिसंबर को मरका थाना क्षेत्र के झारखंडी बाबा मंदिर औगासी से व 27 दिसंबर को बिसंडा थाना क्षेत्र के ओरन में त्रिलोचनी तिलहर माता मंदिर से चोरों ने घंटे चोरी किए थे।
घटना के खुलासे के लिए बिसंडा पुलिस और एसओजी टीम को लगाया गया था। इनमें से मास्टर माइंड फतेहपुर का कमल गुप्ता अभी पुलिस की पकड़ से दूर है, वह चोरी की साजिश रचता था। बोलेरो से चोर मंदिरों की रेकी करते थे।
चोरी किए घंटों को बबेरू में बर्तन व्यवसायी राज गुप्ता व रामदीन गुप्ता को आधे दामों पर बेच देते थे। वहां से वह बबेरू के ही रहने वाले जवाहर सोनी व उसके पुत्र सुनील सोनी को बेच देते थे। चोरी किए गए सभी घंटे जवाहर सोनी के बबेरू के गोदाम में रखते थे। चित्रकूट, फतेहपुर, उन्नाव आदि से घंटों की चोरी करने वाला गिरोह भी राज गुप्ता की दुकान पर बेचता था।
फतेहपुर, उन्नाव और चित्रकूट में है आपराधिक इतिहास
बांदा। एएसपी ने बताया कि घंटा चोर गैंग के बदमाशों का आपराधिक इतिहास है। इनके खिलाफ फतेहपुर, उन्नाव, चित्रकूट, बांदा में कई मुकदमें दर्ज हैं। रामकिशोर उर्फ बड़कौना के खिलाफ मरका थाने से यूपी गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
गिरफ्तारी टीम में यह रहे शामिल
एसओजी प्रभारी राकेश तिवारी, बिसंडा थानाध्यक्ष आनंद कुमार, मरका थानाध्यक्ष अनिल साहू, एसआई संदीप कुमार, हेड कांस्टेबल अश्वनी प्रताप समेत सात कांस्टेबल शामिल रहे।