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मंडल की गोशालाओं में 30 हजार पशुओं का फर्जीवाड़ा

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अकबरपुर गांव में गोशाला का निरीक्षण करते उप निदेशक मनोज अवस्थी। - फोटो : BANDA
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बांदा। नोडल अधिकारियों के निरीक्षण में चित्रकूटधाम मंडल के 892 गो संरक्षण केंद्र और 14 कान्हा गोशालाओं में आंकड़ों के फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। यहां पंजीकृत संख्या से 30 हजार से अधिक पशु कम मिले। चारा, पानी, टिनशेड और पशुओं की देखभाल के लिए कर्मचारी भी नहीं मिले। अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी है।
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प्रदेश के निदेशक (प्रशासन एवं विकास विभाग) डा.यूपी सिंह के निर्देश पर गोशालाओं की जांच कराई गई। बांदा में नोडल अधिकारी व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (हमीरपुर) डा.सोम तिवारी ने 144 गोशाला और चार कान्हा पशु आश्रय स्थलों की जांच की। यहां अभिलेखों में 19,052 पशु संरक्षित दर्ज थे लेकिन जांच में 9000 अन्ना पशु कम मिले। अधिकांश गोशालाओं में चारा-पानी और पशुओं के रखरखाव को कर्मचारी/मजदूर नहीं थे।
चित्रकूट में नोडल अधिकारी/उप निदेशक डा.मनोज अवस्थी ने 271 गोशालाओं की जांच की। यहां 27,495 पशु दर्ज थे। गणना में आठ हजार पशु कम मिले। लगभग 30 फीसदी गोशालाओं में टिनशेड नहीं था।
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इसी तरह महोबा में नोडल अधिकारी/संयुक्त निदेशक, झांसी डा.एमपी द्विवेदी ने 159 गोशालाओं को देखा। इनमें 24,685 पंजीकृत पशुओं में 6000 कम मिले। 35 फीसदी गोशालाओं में पशुओं के लिए पीने के पानी व छाया की व्यवस्था नहीं थी।
हमीरपुर के नोडल अधिकारी/उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.अनिल कुमार सचान ने 318 गोशालाओं की जांच की गई। इनमें 21,512 पशु अभिलेखों में पंजीकृत पाए गए लेकिन मौके पर 7000 पशु कम थे। यहां भी चारा, पानी, टिनशेड व पशुओं की देखभाल के लिए मजदूर नहीं मिला। नोडल अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि ग्राम प्रधान और सचिव पशुओं के चारे-पानी और अन्य व्यवस्थाओं का दावा कर रहे हैं।
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