शीतलहर के चलते गलन बढ़ जाने से मौसम जानलेवा साबित हुआ। बीते 24 घंटे के दौरान जनपद में ठंड से चार मौतें हो गईं। इनमें किशोर समेत दो किसान शामिल हैं।
सोमवार को शाम से ही चल रही गलन बढ़ी हवाओं ने चार जानें ले लीं। तिंदवारी कस्बे के श्रीनगर में निर्मला देवी (48) पत्नी प्रेमी गिरि की देर रात ठंड से हालत बिगड़ गई। पुत्र राकेश ने पड़ोसियों की मदद से उसे सीएचसी ले जा रहा था रास्ते में उसकी मौत हो गई। भिक्षा मांगकर परिवार का खर्च चला रहा पति एक माह से घायल अवस्था में बिस्तर पर पड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री आवास भी अधूरा है। निर्मला पन्नी आदि डालकर गुजर-बसर कर रही थी। एसडीएम सुरजीत सिंह ने जांच की बात कही है। जबकि ईओ अमर बहादुर का कहना है कि बुढ़ापे और बीमारी से मौत हुई है।
दूसरी घटना कमासिन कस्बे की है। यहां पुराने पंचायती घर के पास अनुसूचित जाति का सूरज (16) पुत्र बच्चा सोमवार को बटाई पर लिए खेत की सिंचाई कर रहा था। वहीं उसको ठंड लग गई और बेहोश हो गया। इसी अवस्था में उसे परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। तभी उसकी मौत हो गई। लेखपाल को सूचना दिए जाने के बाद भी देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंचा।
उधर, बिसंडा थाना क्षेत्र के पवई गांव में किसान वीरेंद्र (45) पुत्र सुखपाल खेत में पानी लगा रहा था। तभी उसे ठंड ने जकड़ लिया। वह घर आ गया। रात में सो्ते समय उसकी मौत हो गई। मृतक चार बीघा का किसान था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। एक अन्य घटना में गिरवां थाना क्षेत्र के अइला गांव निवासी कुंअरिया (50) पत्नी कल्लू मंगलवार की सुबह ठंड से अकड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।