शहर के आदर्श बजरंग इंटर कालेज पोलिंग बूथ में कतार में लगीं महिलाएं।
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चार दशक बाद एक बार फिर जोश में आए मतदाताओं ने बूथों पर वोटों की बौछार कर दी। जनपद की चारों विधान सभा सीटों पर 43 सालों बाद 60.2 फीसदी वोट डाले गए हैं। यह पिछले विधान सभा चुनाव से तीन फीसदी ज्यादा है। सुबह से शुरू हुआ मतदान लगभग एक ही रफ्तार पर शाम तक चला। सबसे ज्यादा 61 फीसदी वोट बबेरू विधान सभा क्षेत्र में पडे़।
गुरुवार को जनपद के चारों विधान सभा क्षेत्रों में 830 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 1294 बूथों में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ। शहर समेत ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही लंबी कतारें लगने लगीं। शुरू के दो घंटों में सुबह 9 बजे तक साढ़े 10 फीसदी वोट पडे़। 11 बजे यह ग्राफ बढ़कर 25 प्रतिशत हो गया।
दोपहर 1 बजे तक 39 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाल दिए। 3 बजे मतदान का ग्राफ बढ़कर 49.90 फीसदी हो गया। मतदान खत्म होने के समय शाम 5 बजे चारों सीटों पर कुल 60.2 फीसदी वोट डाले जा चुके थे। कुछ बूथों में मतदान जारी था। सबसे ज्यादा 61.5 प्रतिशत वोट बबेरू क्षेत्र में पडे़। बांदा सदर सीट पर 59.5, नरैनी (सुरक्षित) सीट में 60.15 और तिंदवारी में 59.8 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले।
आम तौर पर मतदान शांतिपूर्वक रहा। कहीं भी कोई बवाल या हंगामा जैसी स्थिति नहीं रही। बांदा शहर के अधिकांश मतदान केंद्रों में बड़ी तादाद में मतदाता बिना वोट डाले बूथों से लौटा दिए गए। उनके पास वोटर पर्ची नहीं थी या मतदाता सूची में नाम कटा था। गौरतलब है कि 1974 में चारों सीटों पर औसतन 60 फीसदी वोट पड़े थे। इसके बाद यह आंकड़ा अबकी चुनाव में हासिल हुआ। पिछले चुनाव 2012 में 57 फीसदी मतदान हुआ था।