दिल्ली मेें इस्लामिक रिलीफ संस्था की बैठक में बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व करते बुंदेलखंड विकास मंच राष्ट्रीय महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी व अन्य।
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बांदा। बुंदेलखंड के मुस्लिमों की बदहाली और पिछड़ापन अंतर्राष्ट्रीय इस्लामिक रिलीफ आर्गनाइजेशन के कानों तक पहुंच गया है। यह संगठन पूरे देश के मुस्लिमों की 17 बिंदुओें पर समीक्षा कर रहा है। इसके बाद उनकी बेहतरी के लिए काम करेगा। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इस्लामिक रिलीफ आर्गनाइजेशन की बैठक में बुंदेलखंड का प्रतिनिधित्व अखिल भारतीय बुुंदेलखंड विकास मंच महासचिव नसीर अहमद सिद्दीकी ने किया। उन्होंने आर्गनाइजेशन के प्राधिकारियों के सामने बुंदेलखंड में पिछड़े मुस्लिमों की परिस्थितियां और मसायल पेश किए। बताया कि पूरे बुंदेलखंड में तकरीबन सात लाख मुस्लिम आबाद हैं। खास बात यह है कि बुंदेलखंड से पिछले कुछ वर्षों में भारी संख्या में पलायन हुआ है लेकिन मुस्लिम वर्ग इसमेें बहुत ही कम शामिल है। वह अपने वतन में ही सारी परेशानियां बर्दाश्त कर रह रहे हैं। सिर्फ दिल्ली एनसीआर में ही यूपी-एमपी के बुंदेलखंड के लगभग 20 लाख लोग प्रवास किए हुए हैं।
श्री सिद्दीकी ने संस्था के सामने बुंदेलखंड के सभी शहरों में मुस्लिम जनसंख्या का प्रतिशत आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। बताया कि जालौन में सबसे ज्यादा 10 प्रतिशत और बांदा व हमीरपुर में 8-8 प्रतिशत मुस्लिम हैं। झांसी में 7.5 महोबा मेें 6.25 और चित्रकूट में 3.4 फीसदी मुस्लिम आबादी है। हमीरपुर के मौदहा के सर्वाधिक 42 फीसदी मुस्लिम हैं। जालौन के कदौरा में 31 प्रतिशत मुस्लिम हैं। बुंदेलखंड के और भी मजरों के आंकड़े पेश किए। श्री सिद्दीकी ने आर्गनाइजेशन को बताया कि बुंदेलखंड के लोग मेहनती और ईमानदार हैं।
यह स्थान ऐतिहासिक खूबियों से भी भरपूर है। बुंदेलखंड की सभी 19 विधानसभा क्षेत्रों से एक भी मुस्लिम विधायक नहीं है। शिक्षा और रोजगार में भी काफी पिछड़ा है। तमाम लोग देश के महानगरों के अलावा रोजी की तलाश में दुबई और सऊदी अरब चले गए हैं। श्री सिद्दीकी बुंदेलखंडी मुस्लिमों की दशा विस्तार से और तथ्यों के साथ बताते हुए आर्गनाइजेशन से अनुरोध किया कि बुंदेलखंड पर नजरें इनायत करते हुए यहां भी कुछ काम करें। आर्गनाइजेशन के भारत और नेपाल के प्रभारी मोहम्मद अकमल शरीफ, मैनेजर सिगबत उल्ला और असिस्टेंट डायरेक्टर नफीस अहमद मेें बुंदेलखंड के बारे में दी गई जानकारियों को गौर से सुना और नोट किया। कहा कि संस्थान अपने स्तर से और केंद्र व राज्य सरकारों से मुस्लिमों के विकास के लिए प्रयास करेगी।