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तमंचे से हुए फायर की लैब में होगी जांच

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बांदा में तिहरी हत्या के बाद घटनास्थल फूलचंद्र के घर जाते एसपी गणेश साहा, डीआईजी दीपक कुमार व पुल? - फोटो : BANDA
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गिरवां (बांदा)। तीन मौतों की गुत्थी सुलझाने में पुलिस हर तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। मामला प्रेमी द्वारा एकतरफा प्यार में की गई दोहरी हत्या और खुद की खुदकुशी का है या फिर ऑनरकिलिंग? दोनों नजरियों से जांच के लिए गिरवां थाना सहित नरैनी कोतवाली और मुख्यालय की पुलिस की टीमों को लगाया गया है।
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घटना के बाद सोमवार की शाम मृतक अंजू के भाई सूरज आरख की तहरीर पर गिरवां थाने में सुधांशु मिश्रा (मृतक) के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट धारा 450 व 302 आईपीसी में दर्ज कर ली गई है।
इसमें कहा गया है कि सुधांशु ने अंजू और उसकी मां तुलसा को घर में घुसकर तमंचे से गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। इस रिपोर्ट की विवेचना गिरवां थानाध्यक्ष अरविंद कुमार त्रिवेदी करेंगे। उधर, घटना को लेकर देर रात तक घटनास्थल और गांव में पुलिस की सरगर्मियां रहीं। नरैनी कोतवाली प्रभारी दुर्ग विजय सिंह भी अपनी टीम के साथ टोह लेते रहे।
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सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने मृतक सुधांशु के पास बरामद तमंचे को सील बंद कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। लैब में यह जांच होगी कि तमंचे से कितने फायर किए गए? क्योंकि एक ही तमंचे से तीन मौतें हुई हैं। पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल में शवों व आसपास के सामान आदि के कई सैंपल लिए हैं। तीनों शवों को मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज लाया गया है। देर शाम यहां पोस्टमार्टम के लिए औपचारिकताएं की जा रही हैं।
घटना के समय अंदर से बंद था दरवाजा
गिरवां। एक ही तमंचे से मां-बेटी की हत्या और फिर खुद को भी गोली मार लेने की घटना घर के दरवाजे बंद कर अंजाम दी गई। यह बात मृतक अंजू के भाई सूरज आरख ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर में कही है। दर्ज रिपोर्ट में कहा है कि वह काम के लिए घर से निकला हुआ था।
दोपहर 12.50 बजे गांव के राजू केवट ने उसे फोन पर बताया कि उसके घर से फायर की आवाज सुनाई दे रही है। वह घबराकर रोता हुआ घर की तरफ दौड़ा। इस बीच पड़ोसी भी आ गए। पुलिस भी आ गई, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। इस पर वह अपने चाचा के घर से दीवार फांदकर अंदर गया और दरवाजा खोला। आंगन में उसकी मां और बहन का खून में लथपथ शव पड़े थे। नजदीक ही चारपाई पर सुधांशु मिश्रा का शव खून में लथपथ पड़ा था। उसके हाथ में तमंचा था।
लरका-मेहरिया का मारकर तुंही फंसा दइहौं
गिरवां। ‘यह रोज मोरी बहनी-बिटिया करत रहौ। मैं कहत रहौं मैं तोरे लड़े लायक निहाऊं। यह कहत ते मैं तोंही न मरिहौं, तोरे लरकन और मेहरियन का मरिहौं। वंश नाश कर दइहौं।
तुहीं फंसा दइहौं। काल (कल) बंदूक और दुई (दो) तमंचा लेकर आओ रहै। एक दिना फरसा लेके आओ रहै।’ यह घटनास्थल पर फूलचंद्र ने सुधांशु मिश्रा (मृतक आरोपी) के बारे में पुलिस व मीडिया कर्मियों से कही। फूलचंद्र ने अपनी पत्नी और बेटी की हत्या सुधांशु द्वारा किया जाना ही बताया।
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