बांदा। तय नियम और शर्त पर ही खाद मिलेगी, देर से आए हो तो तुम जानो। कुछ इस तरह का हाल शहर की तिंदवारी रोड स्थित मंडी समिति में खुले तीन क्रय केंद्रों का है। किसानों के खाद के लिए उमड़ रहे हुजूम को देखते हुए प्रशासन का यह निर्णय किसानों के गले नहीं उतर रहा। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े पांच बजे क्रय केंद्र के बाहर सूची चस्पा कर जमा करने का काम शुरू किया गया। यहां पुलिस का पहरा रहा। खाद के लिए रात से डेरा डाले किसानों ने अपनी सदस्यता कापी को जमा किया। उसके बाद क्रय केंद्रों पर ताला लगाकर प्रभारी निकल गए। सदस्यता कापी जमा करने वाले किसानों की सूची तैयार कर उनको खाद का वितरण किया जाएगा।
रबी की बोआई के अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में किसान समितियों में डेरा डाले हैं। गुरुवार को भी यह नजारा आम रहा। शहर की तिंदवारी रोड स्थित मंडी समिति में खुले तीन क्रय केंद्रों में सुबह साढ़े पांच बजे से कापी जमा करने का काम शुरू किया गया। यहां के तीनों केंद्रों में किसानों की भीड़ रही। पुलिस के साए में किसान सुबह से लाइन लगाए अपनी सदस्यता कापी को जमा करते देखा गया।
तीनों क्रय केंद्रों में नायब तहसीलदार धनंजय व चौकी इंचार्ज कालूकुआं आशुतोष की निगरानी में किसानों की कापी जमा करने का काम शुरू किया गया। तकरीबन तीन हजार किसानों की कापी जमा की गई। पुलिस के लगे 16 जवानों ने किसानों को लाइन में लगवाकर कापी जमा कराई गई। इसके बाद क्रय केंद्रों को बंद कर दिया गया।
नियम-शर्त से पिछड़ रहा किसान
बांदा। पिछले दिनों हुए किसानों के बवाल को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब पहले सदस्यता कापी जमा करने, फिर सूची बनाने फिर खाद देने का नियम और शर्त लगाई है। देरी से आने वाले किसान बैरंग लौटने को मजबूर हैं। मंडी समिति में देरी से आए किसान मोहन पुरवा गांव के भवानीदीन, त्रिवेणी गांव के रामभरोसे, महोखर गांव के लल्लू, गोखरही गांव के प्राणनाथ, गोविंदपुर के बाला प्रसाद, महोखर गांव के ओमप्रकाश, गोविंद पुर के अखिलेश, सिद्धगोपाल ने बताया कि उन्हें पता नहीं चल पाया। वह सुबह 11 बजे पहुंचे तो क्रय केंद्र बंद मिले। अब उन्हें दो-तीन दिन रुकना पड़ेगा। जब सूची मिलने वाले किसानों को खाद मिल जाएगी, तब उनकी कापी जमा होगी। इस तरह से उनकी बोआई पिछड़ने का खतरा है।
तीन और केंद्र खोलने पर विचार, ई-पॉश मशीन में अंगूठा लेने की क्षमता 250
बांदा। मंडी समिति में खाद के लिए तीन केंद्र खोले गए हैं। किसानों की भीड़ को देखते हुए यह केंद्र कम पड़ रहे हैं। शहर की मंडी समिति में तीन और केंद्रों के खोले जाने पर जिला प्रशासन विचार कर रहा है। इसके लिए नायब तहसीलदार धनंजय ने अपनी रिपोर्ट भी एसडीएम सदर नमन मेहता को दी है। जल्द ही तीन और केंद्र खोले जा सकते हैं। इसके अलावा खाद वितरण में एक और तकनीकी समस्या सामने आ रही है कि एक दिन में ई पॉश मशीन 200 से 250 किसानों का अंगूठा स्वीकार कर पाती है। इससे तीनों किसानों को मिलाकर प्रतिदिन 750 किसानों को ही खाद मिल पाती है।
वर्जन
तीन हजार किसानों की कापी जमा कराई गईं हैं। इनकी सूची चस्पा कराकर खाद का वितरण कराया जाएगा। सुबह से क्रय केंद्र को खोलकर कापी जमा कराने का काम किया गया है।
नमन मेहता, एसडीएम सदर, बांदा।
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फोटो- 15 मंडी समिति में खाद के लिए कापी जमा करने के लिए लगी किसानों की भीड़। स्रोत- वीडियो ग्रै
फोटो- 15 मंडी समिति में खाद के लिए कापी जमा करने के लिए लगी किसानों की भीड़। स्रोत- वीडियो ग्रै