मंगलवार को अफसर तहसील दिवसों में व्यस्त रहे और किसान खाद के लिए भटकते रहे। आक्रोशित किसानों ने हाईवे और सड़क जाम कर नारे लगाए। पुलिस ने मान-मनव्वल कर जाम तो खत्म करा दिया, पर समस्या जस की तस रही।
केवटरा चौराहे के पास बुंदेलखंड किसान यूनियन के बैनर तले एक सैकड़ा किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सड़क पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। किसानों का आरोप था कि उपभोक्ता भंडार में खाद नहीं दी जा रही है। यूनियन जिलाध्यक्ष अरुण गौतम व महामंत्री सुरेश निषाद ने केंद्र संचालकों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया।
यह भी कहा कि 340 की बजाए 500 रुपये में खाद दी जा रही है। खाईंपार चौकी प्रभारी हरीशरण सिंह ने समझा कर लगभग डेढ़ घंटे बाद जाम खत्म कराया। किसानों को लाइन में अपनी मौजूदगी में खाद बंटवाई।
उधर, मंडी समिति के केंद्रों में भी खाद न मिलने पर किसानों ने बांदा-टांडा हाईवे का आवागमन ठप कर दिया। कालूकुआं चौकी प्रभारी राममूरत पटेल ने किसानों को समझाकर जाम खत्म कराया। यहां लगभग दो घंटे जाम रहा।
पैलानी और पपरेंदा में भी खाद न मिलने से नाराज किसान सड़कों पर उतर आए। लगभग दो घंटे तक यातायात ठप रखा। पुलिस कर्मियों ने किसानों के सामने हाथ जोड़कर रास्ता बहाल कराया।
अतर्रा प्रतिनिधि के अनुसार क्रय-विक्रय सहकारी समिति में 150 बोरी खाद बंटने के बाद खत्म हो गई तो किसानों का गुस्सा फूटा। नारे लगाए और खाद की मांग की। केंद्र प्रभारियों ने बताया कि 500-500 बोरी खाद भेजी गई। तुरंत बंट गई है।
कालिंजर प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्रीय सहकारी समिति में संगीनों के साये में खाद वितरित की गई। सैकड़ा भर से ज्यादा किसान मायूस होकर लौट गए। बुंदेलखंड किसान यूनियन के रामभरोसे चौरसिया, मनोज त्रिवेदी, भाजपा नेता राकेश मिश्रा ने खाद की मांग की है।
दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम
भाजपा स्थानीय निकाय प्रकोष्ठ क्षेत्रीय संयोजक विजय बहादुर सिंह ने तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में 24 घंटे के अंदर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन किया जाएगा।